पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की अपुष्ट खबर के बाद रविवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस के साथ झड़प हुई, जबकि प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को भी जाम कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में बलात्कार की घटना के आरोपों को निराधार बताया है।
सोशल मीडिया पर खबर फैलने के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन
मामला उस समय बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक छात्रा के साथ कथित बलात्कार और छात्रा की आत्महत्या से जुड़ी अपुष्ट बातें फैलने लगीं। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र परिसर में जमा हो गए और कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति ने छात्रा के साथ यौन अपराध किया और शिकायत के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि पुलिस ने कथित घटना की पुष्टि नहीं की है। शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
प्रदर्शन ने लिया हिंसक रूप
छात्रों का विरोध बाद में हिंसक हो गया। परिसर की संपत्तियों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई तथा कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग खाली कराने के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई और पथराव भी किया गया।
हिंसा के दौरान दो पुलिस वाहनों में आग लगाने और कई अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाने की खबर सामने आई। पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
दुकानों और ATM में तोड़फोड़
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में परिसर के भीतर कुछ दुकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते लोग दिखाई दिए। कुछ फुटेज में दुकानों से सामान उठाते लोगों को भी देखा गया। हालांकि इन वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और भूमिका की पुलिस जांच जारी है।
इसी कारण किसी व्यक्ति या समूह को जांच पूरी होने से पहले लूटपाट या हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
विश्वविद्यालय ने आरोपों को बताया अफवाह
LPU प्रशासन ने कहा है कि परिसर में बलात्कार की घटना से संबंधित दावे गलत और मनगढ़ंत हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपुष्ट सूचनाएं नहीं फैलाने की अपील करते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है।
NH-44 पर घंटों प्रभावित रहा यातायात
हिंसा और प्रदर्शन का असर फगवाड़ा से गुजरने वाले दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर भी पड़ा। लंबे समय तक राजमार्ग अवरुद्ध रहने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। सोमवार तक यातायात बहाल कर दिया गया और विश्वविद्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
10 दिनों के लिए कक्षाएं बंद
स्थिति को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी हैं। मध्यावधि परीक्षाओं को भी अगली सूचना तक टाल दिया गया है। छात्रों को अभिभावकों की सहमति से घर जाने की अनुमति दी गई है।
अब जांच से सामने आएगा सच
LPU का पूरा मामला फिलहाल जांच के अधीन है। सबसे अहम सवाल यह है कि कथित यौन अपराध से जुड़ी सूचना की वास्तविकता क्या है, यह सूचना किस आधार पर फैली और शांतिपूर्ण विरोध हिंसा में कैसे बदल गया।
फिलहाल कथित यौन अपराध की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से झड़प और राजमार्ग अवरुद्ध होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हिंसा में कौन लोग शामिल थे और सोशल मीडिया पर फैले दावों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या थे।
इस पूरे घटनाक्रम से एक बात स्पष्ट होती है कि गंभीर और संवेदनशील आरोपों के मामलों में निष्पक्ष तथा तेज जांच आवश्यक है। साथ ही, किसी भी अपुष्ट सूचना के आधार पर हिंसा, आगजनी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना समाधान नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच और प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।







