प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों के साथ कई अहम विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने देश में चल रही जनगणना, दुर्गम क्षेत्रों में सर्वेक्षण, नशामुक्ति, 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का उल्लेख किया।
जनगणना में 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में जनगणना के माध्यम से भारत की एक व्यापक तस्वीर तैयार की जा रही है। उनके अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है।
उन्होंने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे दुर्गम एवं बर्फीले क्षेत्रों में भी जनगणना कर्मियों द्वारा किए जा रहे काम का उल्लेख किया।
माणा गांव से शुरू हुई प्रक्रिया
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित माणा गांव में जनगणना की शुरुआत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यहां सबसे पहले 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत की जानकारी दर्ज की गई।
उन्होंने उत्तरकाशी के बगोरी गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां होमस्टे चलाने वाले हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज की।
2.60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया स्व-गणना का इस्तेमाल
पीएम मोदी ने कहा कि अब तक 2 करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों ने मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज की है।
उन्होंने देशवासियों से जनगणना प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सही और विस्तृत आंकड़े भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने नशामुक्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने युवाओं से नशे की लत से दूर रहने और इससे प्रभावित लोगों को बाहर निकालने में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सक्षम युवा ही देश के भविष्य को मजबूत आधार दे सकते हैं।
9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों की 25वीं बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को याद करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
उन्होंने अपनी पूर्व अमेरिका यात्रा के दौरान न्यूयॉर्क स्थित 9/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि देने का भी जिक्र किया।
दिल्ली और मुंबई के आतंकी हमलों को किया याद
प्रधानमंत्री ने 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों और उसी वर्ष 26/11 मुंबई आतंकी हमले का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद भारत के लिए लंबे समय से गंभीर चुनौती रहा है और अलग-अलग दौर में देश ने इसके कारण बड़ी जनहानि देखी है।
आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। यह सरकार का घोषित रुख है और उन्होंने इसे अपने संबोधन में दोहराया।
सर्जिकल स्ट्राइक का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को भी याद किया। भारतीय सेना ने उस समय नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी लॉन्च पैडों पर कार्रवाई किए जाने की घोषणा की थी।
पीएम मोदी ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक बताते हुए भारतीय सैनिकों के साहस का उल्लेख किया।
‘मन की बात’ में उपलब्धियों और जनभागीदारी पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों के प्रयासों, जनभागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को सामने लाने का प्रयास किया जाता है।
इस बार के कार्यक्रम में उन्होंने जनगणना, युवा, नशामुक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया।







