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SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिल्ली-महाराष्ट्र में बदलाव

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admin
27 सितंबर 2026 | 11:31 am IST
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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। आयोग ने नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए घर-घर दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता और कमजोर वर्गों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था करने का फैसला किया है। साथ ही दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा भी बढ़ाई गई है।

अब मतदाताओं को नहीं लगाने होंगे दफ्तर के चक्कर

संशोधित प्रक्रिया के तहत ऐसे मतदाता, जिन्हें अनमैप्ड या रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी हुआ है, उन्हें सामान्य तौर पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होना होगा।

अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) संबंधित मतदाता के घर जाकर जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ECINET प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ERO उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले पर विचार करेगा। आयोग का कहना है कि इससे मतदाताओं को चुनाव कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

विशेष मामलों में ही होगी सुनवाई

चुनाव आयोग के अनुसार, सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ही होगी और जहां संभव होगा, उसे ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

यदि किसी मामले में सुनवाई जरूरी होती है, तो मतदाता अपने परिवार के किसी बालिग सदस्य को अपनी ओर से उपस्थित होने के लिए अधिकृत कर सकता है। अधिकारियों को ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाएं मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कमजोर वर्गों के लिए लगेंगे विशेष कैंप

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को स्थानीय जरूरतों के अनुसार हेल्प डेस्क और विशेष कैंप लगाने को कहा है।

इन कैंपों का उद्देश्य नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, बेघर व्यक्तियों और ऐसे अन्य मतदाताओं की मदद करना है, जिन्हें मतदाता सूची में नाम जोड़ने या उसमें सुधार कराने में परेशानी हो सकती है।

दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समय-सीमा

चुनाव आयोग ने दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। यहां नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है।

वहीं महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है, जबकि इनके निस्तारण के लिए 10 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

गोवा में घर-घर संपर्क पर जोर

चुनाव आयोग ने गोवा में अपनाई गई प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। वहां ऐसे मतदाताओं से घर-घर संपर्क किया गया, जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। आयोग के अनुसार, ऐसे 97 मतदाताओं में से 81 ने नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर दिया था।

ECINET प्रणाली की भी होगी समीक्षा

चुनाव आयोग ने अपने ECINET सिस्टम की समीक्षा करने की बात भी कही है। वर्तमान में फील्ड अधिकारियों को उनके कानूनी अधिकार और जिम्मेदारियों के अनुसार भूमिका-आधारित पहुंच दी गई है।

आयोग के इन बदलावों का उद्देश्य SIR प्रक्रिया को मतदाताओं के लिए अधिक सुलभ बनाना और दस्तावेज सत्यापन तथा शिकायतों के निस्तारण को आसान करना है।