देशभर में चर्चा में रहे मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। अदालत अब दोनों की सजा पर करीब 15 दिन बाद आदेश सुनाएगी।
यह मामला मार्च 2025 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से ढक दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
फैसले के बाद भावुक हुईं सौरभ की मां
अदालत का फैसला आने के बाद सौरभ की मां रेनू राजपूत भावुक हो गईं। उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।
रेनू ने कहा कि उनका परिवार घटना के बाद से लगातार मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। बेटे को याद करते हुए वह अदालत परिसर में रो पड़ीं।
उन्होंने कहा, “वह मेरा बेटा था। वह हमेशा मेरे ख्यालों में रहता था और आज भी है।”
‘साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती’
रेनू राजपूत ने मुस्कान को लेकर कहा कि यदि वह सौरभ के साथ नहीं रहना चाहती थी तो उससे अलग हो सकती थी।
उन्होंने सवाल किया, “अगर उसने पहले ही तय कर लिया था कि उसे सौरभ के साथ नहीं रहना है, तो वह उसे छोड़ सकती थी। उसकी हत्या करने की क्या जरूरत थी?”
परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
सौरभ की बुआ कुसुम और भाई राहुल ने भी दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस मामले में ऐसी सजा होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह के अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिले।
हालांकि अदालत ने अभी केवल दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा की अवधि और प्रकृति पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा अलग से सुनाया जाएगा।
नीले ड्रम में छिपाया गया था शव
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में रखा गया और ऊपर से सीमेंट भर दिया गया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद अदालत में लंबी सुनवाई चली। अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।
अब परिवार की नजर अदालत के उस आदेश पर है, जिसमें मुस्कान और साहिल की सजा तय की जाएगी।







