केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार देर रात राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया, जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय ‘मारारजी भवन’ पर अज्ञात लोगों द्वारा पत्थर और बोतलें फेंके जाने की घटना सामने आई। घटना के बाद कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। BJP ने इस घटना की निंदा करते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
इससे कुछ घंटे पहले BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पी.के. कृष्णदास की गाड़ी पर भी कथित हमला हुआ था। इन घटनाओं के बीच कांग्रेस और BJP ने एक-दूसरे पर हिंसा और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के आरोप लगाए हैं।
BJP ने किया राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान
BJP ने एक बयान जारी कर कहा कि राजनीतिक मतभेदों का जवाब हिंसा से देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। पार्टी ने मारारजी भवन और पी.के. कृष्णदास से जुड़ी घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि वह इसके विरोध में पूरे केरल में प्रदर्शन करेगी।
BJP नेता के. सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यालय और उसके नेताओं को निशाना बनाने के पीछे कांग्रेस कार्यकर्ता थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कांग्रेस कार्यालयों पर भी हमले के आरोप
इससे पहले तिरुवनंतपुरम स्थित जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) कार्यालय पर भी पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई थी, जिसमें कार्यालय के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। कांग्रेस के अनावूर मंडल कार्यालय में आग लगाने की घटना भी रिपोर्ट की गई। कांग्रेस ने इन घटनाओं के लिए BJP कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए।
पुलिस ने अनावूर कांग्रेस कार्यालय में आग लगाने के मामले में एक BJP कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। अन्य घटनाओं को लेकर CCTV फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
अमित शाह के दौरे के बाद बढ़ा तनाव
राज्य में हालिया राजनीतिक तनाव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की केरल यात्रा के दौरान हुए काले झंडे के विरोध और उसके बाद BJP तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों के बीच बढ़ा है। दोनों दल एक-दूसरे पर अपने नेताओं और कार्यालयों को निशाना बनाने के आरोप लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कांग्रेस कार्यालयों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक हिंसा को स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालयों पर हमले लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।
फिलहाल पुलिस अलग-अलग घटनाओं की जांच कर रही है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन की कोशिश राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा की घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान करने की है।







