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नाना पाटेकर का 75 की उम्र में निधन, देर रात आया कार्डियक अरेस्ट

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admin
8 अक्टूबर 2026 | 03:33 pm IST
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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया गया कि गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। बेहोशी की हालत में मिलने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, नाना पाटेकर ने सुबह करीब 5:20 बजे अंतिम सांस ली। डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा।

हिंदी-मराठी सिनेमा के दिग्गज कलाकार

नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी और स्क्रीन पर प्रभावशाली मौजूदगी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक शानदार पारी खेली। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘नटसम्राट’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।

उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।

परिवार गोवा के लिए रवाना

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि परिवार गोवा के लिए रवाना हो गया है। नाना पाटेकर कुछ निजी काम के सिलसिले में गोवा गए थे।

मल्हार के मुताबिक, अभिनेता का पार्थिव शरीर दोपहर बाद पुणे लाया जाएगा।

‘गमन’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर

नाना पाटेकर ने साल 1978 में आई फिल्म ‘गमन’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘शक्ति: द पावर’ (2002), ‘अब तक छप्पन’ (2004), ‘अपहरण’ (2005) और ‘टैक्सी नंबर 9211’ (2006) जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी।

कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम’ (2007) में गैंगस्टर ‘उदय शेट्टी’ का उनका किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। उन्होंने ‘वेलकम बैक’ (2015) में भी इस किरदार को दोहराया।

‘नटसम्राट’ के लिए मिला फिल्मफेयर अवॉर्ड

नाना पाटेकर ने ‘राजनीति’ (2010) जैसी चर्चित फिल्मों में भी अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए पांचवीं बार नामांकन मिला।

साल 2016 में उन्हें मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में शानदार अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2013 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया था।

एक्टिंग के अलावा गायकी में भी आजमाया हाथ

नाना पाटेकर सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने ‘यशवंत’ (1997), ‘वजूद’ (1998) और ‘आंच’ (2003) जैसी फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग भी की थी।

वह हाल ही में गोवा के डोना पाउला में सार्वजनिक रूप से नजर आए थे। करीब चार दिन पहले वह ‘सम्राट क्लब इंटरनेशनल’ के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए थे और वहां लोगों को संबोधित भी किया था।