पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मेडिकल रिकॉर्ड कथित तौर पर लीक होने को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आरोप है कि उनके इलाज से जुड़े निजी मेडिकल रिकॉर्ड और गोपनीय दस्तावेज बिना अनुमति सार्वजनिक किए गए। मामले में ममता बनर्जी के वकील ने SSKM अस्पताल प्रबंधन और राज्य स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है।
मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक करने पर उठे सवाल
कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी के इलाज से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और मेडिकल रिपोर्ट बिना अनुमति सार्वजनिक की गईं। नोटिस में इसे मेडिकल गोपनीयता से जुड़े नियमों और डॉक्टरों पर लागू पेशेवर आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया है।
ममता बनर्जी के पक्ष ने मेडिकल दस्तावेजों के कथित सार्वजनिक होने पर आपत्ति जताते हुए इसे गंभीर मामला बताया है।
सुवेंदु अधिकारी ने चोट को लेकर क्या दावा किया?
यह कानूनी कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर ममता बनर्जी की 2021 की नंदीग्राम चोट से जुड़े मेडिकल दस्तावेजों का हवाला देते हुए सवाल उठाए।
अधिकारी ने दावा किया कि मार्च 2021 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का कोई स्पष्ट प्रमाण अस्पताल के रिकॉर्ड में नहीं था। उन्होंने मामले की जांच की बात भी कही।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने सुवेंदु अधिकारी के दावों को खारिज कर दिया। पार्टी ने इन आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि इनका इस्तेमाल उपचुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
क्या है नंदीग्राम की चोट का पूरा मामला?
10 मार्च 2021 को नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के बाएं पैर में चोट लगी थी। उस समय ममता बनर्जी ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें धक्का दिया, जिसके बाद वह अपनी कार के खुले दरवाजे से टकरा गईं और घायल हो गईं।
बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ की वजह से उन्हें धक्का लगा था।
इसके बाद ममता बनर्जी को SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके इलाज के दौरान बाएं टखने और पैर में चोट के साथ हड्डियों और लिगामेंट्स से जुड़ी गंभीर चोटों की जानकारी सामने आई थी।
व्हीलचेयर से किया था चुनाव प्रचार
चोट की घटना के बाद 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को व्हीलचेयर पर प्रचार करते देखा गया था। इस दौरान उनकी चोट और नंदीग्राम की घटना चुनावी अभियान का प्रमुख मुद्दा बन गई थी।
2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में बड़ी जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 210 से अधिक सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 77 सीटों पर जीत मिली थी।
मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर अब क्यों बढ़ा विवाद?
मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े दावों और कथित रिकॉर्ड लीक ने 2021 की नंदीग्राम घटना को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक ओर सुवेंदु अधिकारी मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर ममता बनर्जी की चोट को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी के पक्ष ने मेडिकल रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
अब इस मामले में अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से दिए जाने वाले जवाब से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित तौर पर मेडिकल रिकॉर्ड कैसे और किस परिस्थिति में सार्वजनिक हुए।







