संसद के मानसून सत्र के पहले दिन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में इस विषय पर चर्चा की मांग की, जिसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाई छात्रों की आवाज
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति से इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
खड़गे ने जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया और छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई।
हंगामे के बीच राज्यसभा स्थगित
खड़गे के वक्तव्य और विपक्ष की ओर से लगातार चर्चा की मांग के बीच सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। इसके बाद राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
विपक्ष लगातार मांग कर रहा था कि NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के आंदोलन पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
लोकसभा की कार्यवाही भी दोपहर तक टली
राज्यसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों ने NEET विवाद और राम मंदिर चंदा मामले में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही भी दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों से किया इनकार
इसी बीच, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सामने आई खबरों पर दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखा। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स‘ पर जारी बयान में पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज या हिंसा किए जाने की खबरें सही नहीं हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन को पूरी तरह पेशेवर तरीके से संभाला गया और किसी प्रकार की हिंसा या हिरासत में लेने की घटना नहीं हुई। पुलिस ने लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।







