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सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट, हालत स्थिर

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admin
21 जुलाई 2026 को 05:43 am बजे
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परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने ताजा मेडिकल बुलेटिन जारी किया है। अस्पताल और एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों की संयुक्त टीम उनकी सेहत पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है।

डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक का ब्लड शुगर लेवल अभी भी कम है, लेकिन फिलहाल उनकी कुल स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बनी हुई है। किसी भी संभावित जटिलता से बचने के लिए उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

सफदरजंग अस्पताल ने क्या कहा?

वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक इलाज का सकारात्मक जवाब दे रहे हैं।

डॉक्टरों के मुताबिक—

ब्लड शुगर स्तर अभी भी सामान्य से कम है।

ORS और पोटैशियम सिरप देने के बाद अन्य रक्त संबंधी पैरामीटर में सुधार देखा गया है।

मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।

अस्पताल ने स्पष्ट किया कि आगे का इलाज उनकी क्लिनिकल स्थिति और लैब रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।

डिहाइड्रेशन से उबर रहे हैं वांगचुक

डॉक्टरों ने बताया कि सोनम वांगचुक हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन से धीरे-धीरे उबर रहे हैं।

हालांकि मेडिकल टीम का कहना है कि लंबी भूख हड़ताल के कारण अचानक स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए किसी भी खतरे का समय रहते पता लगाने के लिए लगातार क्लिनिकल मॉनिटरिंग आवश्यक है।

भूख हड़ताल खत्म करने से किया इनकार

अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने कहा कि जब तक छात्र प्रतिनिधियों को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उन्हें स्वयं अस्पताल से इसकी इजाजत नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

सरकार और पुलिस से की शांतिपूर्ण समाधान की अपील

सोनम वांगचुक ने हालिया छात्र प्रदर्शनों के दौरान युवाओं द्वारा बनाए गए संयम की सराहना की।

उन्होंने कहा कि उकसावे की स्थिति के बावजूद छात्रों ने शांति बनाए रखी, जो बेहद सराहनीय है।

वांगचुक ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील की कि छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने की अनुमति दी जाए, ताकि इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।

शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग

सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करेगी।

उन्होंने कहा कि छात्रों के सवालों का समाधान केवल संवाद से संभव है और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

‘चलो संसद’ मार्च के बीच तेज हुआ आंदोलन

वांगचुक की भूख हड़ताल ऐसे समय में जारी है, जब देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हैं।

सोमवार को हजारों छात्रों और समर्थकों ने ‘चलो संसद’ मार्च में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक मामलों में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद कई मामले दर्ज किए गए और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

डॉक्टर क्यों रख रहे हैं लगातार निगरानी?

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से शरीर में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनमें—

इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन

डिहाइड्रेशन (पानी की कमी)

ब्लड शुगर में गिरावट

कमजोरी और अन्य जटिलताएं

शामिल हैं।

इसी वजह से डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की सेहत की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज किया जा सके।