Man Hari Hari Bol Hari Narayan Tu Bol: “मन हरि हरि बोल, हरि नारायण तू बोल” भगवान विष्णु का अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिमय भजन है। इस भजन का गायन या श्रवण करने से मन में शांति, श्रद्धा और भगवान विष्णु के प्रति अटूट भक्ति का भाव जागृत होता है। आप इसे विष्णु पूजा, एकादशी, गुरुवार की आराधना या किसी भी धार्मिक अवसर पर गा और सुन सकते हैं।
।। भगवान विष्णु भजन ।।
मन हरि हरि बोल, हरि नारायण तू बोल
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल,
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥
हरि नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा सहारा
छोड़ के सारे जग के बंधन,
नाम हरि का जप ले,
नाम हरि का जप ले।
हरि नाम की मिश्री अपने,
कानों में तू घोल।
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥
माया-मोह में मत उलझ
साथ नहीं जाएगी तेरे,
माया और ये काया,
माया और ये काया।
माया और काया के पीछे,
ऐसे तू मत डोल।
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥
हरि नाम ही सच्चा धन है
केवल नाम यहीं सच्चा है,
झूठी दुनिया सारी,
झूठी दुनिया सारी।
झूठी दुनिया सारी है ये,
अब तो आँखें खोल।
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥
अंत समय में हरि नाम ही साथ देगा
अंत समय तक तेरे केवल,
काम यही आएगा,
काम यही आएगा।
भवसागर से पार उतर जाएगा,
नाम बड़ा अनमोल।
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥
भजन का आध्यात्मिक संदेश
यह भजन हमें जीवन की नश्वरता का बोध कराता है और भगवान विष्णु के पवित्र नाम का निरंतर स्मरण करने की प्रेरणा देता है। इसमें बताया गया है कि धन, माया और शरीर एक दिन साथ छोड़ देते हैं, लेकिन हरि नाम ही ऐसा अमूल्य धन है जो जीवन और मृत्यु दोनों में कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
जय श्री हरि। जय श्री नारायण।







