सोशल मीडिया पर चीनी सेना के अरुणाचल प्रदेश में धीरे-धीरे घुसपैठ करने के दावों के बीच बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद परिसर में अहम बैठक की। यह बैठक संसद भवन स्थित रक्षा मंत्री के कार्यालय में हुई। बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीन की गतिविधियों और उनसे जुड़ी ऑनलाइन चर्चाओं से पैदा हुई चिंताओं पर चर्चा की गई।
सरकार ने चीनी कब्जे के दावों को किया खारिज
सरकारी सूत्रों ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से धीरे-धीरे कब्जा करने के दावों को खारिज किया है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) सीमा पर पूरी तरह सतर्क हैं। दोनों बल चीनी गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा महान हिमालय पर्वतमाला के साथ तिब्बत से लगती है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में सीमा से जुड़ा बुनियादी ढांचा मजबूत किया है।
सीमा पर मजबूत हुई निगरानी और सुरक्षा
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बेहतर सड़कों, सीमावर्ती इलाकों में बनाए गए बुनियादी ढांचे और आधुनिक निगरानी प्रणालियों से सीमा पर गश्त और निगरानी क्षमता में सुधार हुआ है। इससे जवानों को दुर्गम इलाकों में बेहतर तरीके से पहुंचने और किसी भी स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।
पेट्रोलिंग के दौरान आमने-सामने आते हैं जवान
भारतीय और चीनी पेट्रोलिंग टीमों के बीच कभी-कभी आमने-सामने आने की घटनाओं को लेकर भी सरकारी सूत्रों ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि LAC का कई हिस्सों में स्पष्ट सीमांकन नहीं होने के कारण पेट्रोलिंग के दौरान दोनों देशों की टीमें आमने-सामने आ सकती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ऐसी स्थितियों को मौजूदा प्रोटोकॉल और तय नियमों के माध्यम से सुलझाया जाता है। LAC पर निगरानी के लिए सेना और ITBP की पर्याप्त तैनाती है।
LAC के पास चीन की गतिविधियों पर नजर
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अरुणाचल प्रदेश के आसपास चीन के बुनियादी ढांचे के निर्माण और अपर सुबनसिरी क्षेत्र में चीनी सैनिकों के कथित आक्रामक रवैये से जुड़ी खबरों पर चर्चा तेज हुई है।
हालांकि, भारतीय सेना ने इन खबरों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं, नई दिल्ली ने स्पष्ट किया है कि सीमा से जुड़े मामलों को सरकार गंभीरता से लेती है।
भारत-चीन संबंधों के लिए LAC पर शांति जरूरी
मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने भी LAC पर शांति और स्थिरता के महत्व को रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सीमा से जुड़े मुद्दों को बेहद गंभीरता से लेता है और सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि सीमा की स्थिति का भारत-चीन संबंधों की आगे की दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।
भारत-चीन सीमा वार्ता में भी उठा मुद्दा
6 अगस्त को भारत-चीन सीमा मामलों पर बातचीत और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक हुई। इसमें दोनों पक्षों ने LAC की स्थिति की समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और चीन ने लंबित मुद्दों को सुलझाने तथा गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए राजनयिक और सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमति जताई। इसमें WMCC के साथ-साथ स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकों को भी शामिल किया गया है।
सरकार का संदेश साफ
चीनी घुसपैठ से जुड़े सोशल मीडिया दावों के बीच सरकार ने फिलहाल ऐसे किसी क्रमिक कब्जे के दावे को खारिज किया है। साथ ही, सीमा पर भारतीय सेना और ITBP की तैनाती, निगरानी और बुनियादी ढांचे को मजबूत किए जाने पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि LAC पर किसी भी गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।







