नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। भारत के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रम पर आधारित डिस्कवरी की दो कड़ियों वाली डॉक्यूमेंट्री “Declassified: Operation Sindoor” रिलीज होने के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 15 अगस्त की रात रिलीज हुई इस डॉक्यूमेंट्री में भारतीय सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठान के वरिष्ठ अधिकारियों ने मई 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान लिए गए फैसलों और सैन्य कार्रवाई से जुड़े कई पहलुओं पर बात की है।
10 मई की रात मिसाइल हमले का दावा
डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक नितिन गोखले के हवाले से बताया गया है कि 10 मई की रात करीब 1:30 बजे पाकिस्तान की ओर से दिल्ली की दिशा में एक हाई-स्पीड मिसाइल दागी गई थी। दावा है कि इसे हरियाणा के सिरसा के ऊपर भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने रोक दिया।
भारतीय रक्षा मंत्रालय की ओर से पहले कहा गया था कि उस रात पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के ठिकानों, गोला-बारूद डिपो, एयरफील्ड और सैन्य प्रतिष्ठानों को मिसाइलों, ड्रोन, रॉकेट और लंबी दूरी के हथियारों से निशाना बनाने की कोशिश की थी।
इसके बाद शुरू हुआ भारत का जवाब
डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, पाकिस्तान के हमले के बाद भारतीय वायुसेना को जवाबी कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रफीकी, सुक्कुर, रहीम यार खान और नूर खान जैसे एयरबेस को शुरुआती कार्रवाई में निशाना बनाया गया, जबकि सरगोधा, भोलारी और जैकबाबाद समेत अन्य सैन्य ठिकानों पर बाद की कार्रवाई में हमला किया गया। डॉक्यूमेंट्री में कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आती है।
‘भारत जब चाहे, वहां तक पहुंच सकता है’
भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल अवधेश भारती ने डॉक्यूमेंट्री में कार्रवाई की रणनीति पर बात करते हुए कहा कि उद्देश्य सीमित और नियंत्रित रहते हुए पाकिस्तान को यह संदेश देना था कि भारत जरूरत पड़ने पर उसकी सीमा के भीतर सैन्य ठिकानों तक पहुंच सकता है।
वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तानी एयरबेसों के रनवे, हैंगर और विमानों को हुए नुकसान का भी उल्लेख किया। डॉक्यूमेंट्री में मई 2025 के दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से विभिन्न स्थानों पर भारतीय मिसाइल हमलों से हुए नुकसान के संदर्भ का भी जिक्र किया गया है।
ब्रह्मोस को बताया कार्रवाई का अहम हथियार
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अनुसार, भारत ने करीब 1,200 किलोमीटर लंबे मोर्चे पर और पाकिस्तान की सीमा के भीतर लगभग 200 किलोमीटर तक कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि भारतीय हथियार अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंच रहे थे।
डॉक्यूमेंट्री में ब्रह्मोस-ए क्रूज मिसाइल को इस कार्रवाई के प्रमुख हथियारों में से एक बताया गया है। एपी सिंह ने इसकी गति और मारक क्षमता का उल्लेख करते हुए इसे रोकना कठिन बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ब्रह्मोस भारत का स्वदेशी हथियार है।
कार्रवाई के बाद संपर्क की कोशिश का दावा
डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, भारतीय हमलों के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान की ओर से संपर्क की कोशिशें शुरू हुईं। इसमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संपर्क किया, जिसके बाद रुबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत की।
भारतीय पक्ष ने किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के बजाय दोनों देशों के निर्धारित सैन्य संचार चैनल के जरिए बातचीत पर जोर दिया।
संघर्षविराम को लेकर क्या हुआ?
भारतीय डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई के अनुसार, बातचीत के दौरान पाकिस्तानी डीजीएमओ की ओर से संघर्षविराम की बात सामने आई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से संघर्ष रोकने का अनुरोध किया गया था।
इसके बाद 10 मई की शाम 5:30 बजे तक सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने की बात डॉक्यूमेंट्री में कही गई है।
ISPR ने डॉक्यूमेंट्री को बताया ‘प्रचार’
डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण के बाद पाकिस्तान के सैन्य मीडिया विंग ISPR ने इसकी आलोचना की। पाकिस्तान की ओर से डॉक्यूमेंट्री को “बॉलीवुड शैली” का प्रचार बताते हुए आरोप लगाया गया कि भारत अपनी कथित सैन्य विफलता को सफलता के रूप में पेश कर रहा है।
ISPR ने भारतीय नुकसान, विमान गिराए जाने और पाकिस्तानी जवाबी कार्रवाई से जुड़े अपने दावों को भी दोहराया है।
भारत-पाकिस्तान के दावों में अंतर
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं। भारत की ओर से डॉक्यूमेंट्री में सैन्य कार्रवाई और रणनीति से जुड़े भारतीय अधिकारियों के बयान सामने रखे गए हैं, जबकि पाकिस्तान ने इन्हें प्रचार करार दिया है।
ऐसे में डॉक्यूमेंट्री के दावों और पाकिस्तान के जवाब के बीच वास्तविक स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग नैरेटिव सामने आए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति पर फोकस
डॉक्यूमेंट्री में भारतीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई को नियंत्रित तरीके से अंजाम दिया और लक्ष्य के अनुसार जवाब दिया।
बराक-8 वायु रक्षा प्रणाली और ब्रह्मोस जैसे हथियारों का उल्लेख करते हुए डॉक्यूमेंट्री भारतीय सशस्त्र बलों की तकनीकी क्षमता और अभियान की रणनीति को सामने रखती है।
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से डॉक्यूमेंट्री को लेकर जारी आपत्तियों और भारत की ओर से सामने रखे गए दावों ने ऑपरेशन सिंदूर के नैरेटिव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से किया जाना जरूरी है।
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