नई दिल्ली, 12 अगस्त। दिल्ली सरकार की नई EV Policy 2026 लागू होने के बाद राजधानी में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की मांग बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि, कई खरीदारों के बीच सब्सिडी की प्रक्रिया और भुगतान के समय को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है। कुछ ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने से पहले यह स्पष्टता चाहते हैं कि उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि कब और किस प्रक्रिया के तहत प्राप्त होगी।
1 जुलाई से लागू हुई नई EV Policy
दिल्ली की नई EV Policy 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुई है। इसके तहत पहले वर्ष में पात्र इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की खरीद पर ₹10,000 प्रति kWh, अधिकतम ₹30,000 तक की खरीद प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है।
नीति के अनुसार, दूसरे और तीसरे वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मिलने वाली सहायता को चरणबद्ध तरीके से कम करने की व्यवस्था की गई है।
पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त लाभ
नई नीति में पुराने BS-IV या उससे नीचे के मानक वाले दोपहिया वाहन को स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए भी अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।
निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र खरीदारों को ₹10,000 तक का अतिरिक्त स्क्रैपिंग प्रोत्साहन मिल सकता है।
प्रदूषण कम करना सरकार का लक्ष्य
दिल्ली सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर राजधानी में प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग इस दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
सब्सिडी की प्रक्रिया स्पष्ट होना जरूरी
हालांकि EV खरीदारों के लिए सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि प्रोत्साहन राशि मिलने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज होती है, तो इससे दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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