नई दिल्ली, 12 अगस्त। दिल्ली में साइबर वित्तीय अपराधों को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि वर्ष 2025 में दिल्ली पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के 4,003 मामले दर्ज किए। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3,544 लोगों को गिरफ्तार किया।
साइबर ठगी से ₹849.80 करोड़ का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साइबर ठगी के पीड़ितों ने कुल ₹849.80 करोड़ के आर्थिक नुकसान की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, कानून प्रवर्तन एजेंसियां करीब ₹112.76 करोड़ की राशि बरामद करने में सफल रहीं।
ये आंकड़े दिल्ली पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।
लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
लोकसभा में लिखित जवाब के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े ये आंकड़े साझा किए। सरकार ने बताया कि साइबर अपराधों को रोकने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं।
SMS से सोशल मीडिया तक जागरूकता अभियान
सरकार के अनुसार, लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए SMS, कॉलर ट्यून, रेडियो-टीवी अभियान, स्कूल कार्यक्रम और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना है।
OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें
बढ़ते साइबर अपराधों के बीच विशेषज्ञ लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं। OTP, बैंक पासवर्ड और UPI PIN किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना जरूरी है।
समय पर शिकायत करना बेहद जरूरी
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत करना महत्वपूर्ण माना जाता है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की गई रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित बैंक और साइबर अपराध सहायता तंत्र को सूचित करना चाहिए।
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