National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

‘लुंगीवाला’ टिप्पणी पर भड़के जॉन ब्रिटास, सुस्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस

a
admin
12 अगस्त 2026 को 09:44 am बजे
Featured Image

CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने BJP सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही के दौरान देव ने उन्हें बार-बार ‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने इस टिप्पणी को क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा अपमान बताया।

नियम 188 के तहत दिया नोटिस

ब्रिटास ने राज्यसभा में कामकाज के संचालन और प्रक्रिया से जुड़े नियम 188 के तहत यह नोटिस दिया। उन्होंने सुष्मिता देव की कथित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाने की अनुमति मांगी है।

ब्रिटास का आरोप है कि यह टिप्पणी उस समय की गई, जब वह सोमवार को टैक्स से जुड़े कामकाज पर चर्चा के दौरान सदन में अपनी बात रख रहे थे।

‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित करने का आरोप

सूत्रों के अनुसार, ब्रिटास ‘इनकम-टैक्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को नामंजूर करने के लिए एक वैधानिक प्रस्ताव पेश कर रहे थे। इस प्रस्ताव पर ‘टैक्सेशन और अन्य कानून (संशोधन) बिल’ के साथ चर्चा हो रही थी।

ब्रिटास ने आरोप लगाया कि इसी दौरान सुष्मिता देव ने उनके भाषण में बार-बार हस्तक्षेप किया और उन्हें एक से अधिक बार ‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित किया।

AAP सांसद संजय सिंह ने जताई आपत्ति

AAP सांसद संजय सिंह ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अनेकता में एकता वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं को मानने वाले लोग रहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति के पहनावे पर सवाल उठाकर उसका अपमान करना गलत है। संजय सिंह ने कहा कि संसद में लुंगी पहनकर आए जॉन ब्रिटास के साथ हुई टिप्पणी का सभापति ने संज्ञान लिया है।

CPI सांसद ने बताया हर भारतीय का अपमान

CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि जब जॉन ब्रिटास राज्यसभा में बोल रहे थे, तब उन्हें ‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित किया गया। उन्होंने इसे केवल एक सांसद का नहीं, बल्कि भारतीयों की विविध सांस्कृतिक पहचान का अपमान बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को रंग, पहनावे और खान-पान के आधार पर बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद ने भी जताई नाराजगी

कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने भी इस टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने इसे दक्षिण भारतीय संस्कृति के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि मामला सिर्फ पहनावे तक सीमित नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि जॉन ब्रिटास को ‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों के प्रति कथित राजनीतिक रवैये को लेकर सवाल उठते हैं।

क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा

जॉन ब्रिटास ने अपने नोटिस में कथित टिप्पणी को दो सांसदों के बीच सामान्य बहस से अलग मामला बताया है। उनका तर्क है कि संसदीय कार्यवाही में हिस्सा ले रहे एक सदस्य को निशाना बनाने के लिए क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान का इस्तेमाल किया गया।

अब इस मामले में विशेषाधिकार नोटिस पर आगे की प्रक्रिया और सदन की कार्रवाई पर सभी की नजर है।