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थलपति विजय की ‘Jana Nayagan’ को झटका, मद्रास हाईकोर्ट ने सेंसर सर्टिफिकेट रोक दिया

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admin
27 जनवरी 2026 को 10:41 am बजे
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तमिल सुपरस्टार थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ (Jana Nayagan) की रिलीज एक बार फिर कानूनी अड़चनों में फंस गई है। मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार को उस सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था।

क्या है पूरा मामला?

फिल्म के निर्माता और सेंसर बोर्ड के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। रिलीज डेट नजदीक होने के बावजूद CBFC ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने के बजाय Further Review (रिवाइजिंग कमेटी) के पास भेज दिया।
इस देरी के खिलाफ मेकर्स ने हाई कोर्ट का रुख किया, जहां सिंगल जज ने CBFC को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया था।

डिवीजन बेंच ने क्यों लगाई रोक?

चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने कहा कि सिंगल बेंच के आदेश में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेंसर बोर्ड को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया था। इसके साथ ही, प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस को अपनी याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया गया।

मेकर्स का पक्ष क्या है?

KVN प्रोडक्शंस की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि CBFC ने पहले फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में बिना ठोस कारण सर्टिफिकेट रोक लिया।
मेकर्स का कहना है कि बोर्ड द्वारा सुझाए गए सभी बदलाव फिल्म में किए जा चुके थे, इसके बावजूद इसे दोबारा रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजना अनावश्यक और बेवजह है।

CBFC ने क्या तर्क दिया?

CBFC का कहना है कि एग्जामिनिंग कमेटी के एक सदस्य की शिकायत के बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी को भेजा गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म के कुछ दृश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं और सशस्त्र बलों को गलत तरीके से दर्शाते हैं।

सिंगल जज का आदेश और उस पर विवाद

9 जनवरी को सिंगल जज ने CBFC को फटकार लगाते हुए कहा था कि बोर्ड ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम किया।
कोर्ट ने कहा कि जब सर्टिफिकेशन का संकेत दिया जा चुका था, तब दोबारा समीक्षा का आदेश देना गलत है।
हालांकि, इसी आदेश के खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की गई और उसी दिन उस पर रोक लगा दी गई।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

डिवीजन बेंच ने प्रोड्यूसर्स पर नकली जल्दबाजी” और न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव बनाने जैसी गंभीर टिप्पणी भी की।
CBFC की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि बोर्ड को अपना जवाब दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।

विजय का राजनीति से जुड़ा बयान

यह फिल्म थलपति विजय की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले उनकी आखिरी बड़ी फिल्म बताई जा रही है।
विजय पहले ही कह चुके हैं कि वे किसी दबाव में नहीं झुकेंगे और आने वाले चुनावों को उन्होंने “लोकतांत्रिक युद्ध” करार दिया है।

रिलीज पर अनिश्चितता बरकरार

‘जना नायकन’ की रिलीज पहले 9 जनवरी तय थी, लेकिन अब कानूनी विवाद के चलते फिल्म की रिलीज पर संशय बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (अप्रैल–मई) को देखते हुए भी फिल्म की टाइमिंग को लेकर चिंता जताई जा रही है।