Ram Mandir Donation Controversy: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों से खुद को अलग बताते हुए कहा है कि उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता में कोई भूमिका नहीं निभाई। उनका दावा है कि कथित गबन का खुलासा भी उनकी पहल पर ही हुआ था।
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने कहा कि उनके निर्देश पर मंदिर परिसर में छिपे हुए सर्विलांस कैमरे लगाए गए थे और उन्हीं कैमरों की फुटेज के आधार पर कथित चोरी का पता चला।
चंपत राय बोले- कलंक लेकर अयोध्या नहीं जाऊंगा
चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन वह किसी भी तरह का कलंक लेकर अयोध्या से विदा नहीं होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने कुछ करीबी सहयोगियों से यह भी कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किसकी ओर था।
SIT ने दोबारा की पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) ने एक बार फिर अयोध्या पहुंचकर मंदिर परिसर में चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और मंदिर अधिकारी गोपाल राव से पूछताछ की।
बताया जा रहा है कि 13 जून को गठित SIT प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद दूसरी बार अयोध्या पहुंची। इस दौरान जांच अधिकारियों ने तीनों से अलग-अलग और संयुक्त रूप से पूछताछ कर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली।
6 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें
सूत्रों का कहना है कि चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा पहले ही अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। अब उनके भविष्य को लेकर फैसला 6 जुलाई को प्रस्तावित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में लिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में निर्णय दो-तिहाई बहुमत से हो सकता है।
वकीलों ने दर्ज कराई शिकायत
इस बीच, फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर विरोध मार्च निकाला। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और मंदिर अधिकारी गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत सौंपी।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि वकीलों की शिकायत में इस मामले के पहले शिकायतकर्ता और ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। वकीलों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।