Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में जांच जारी है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पूरे मामले को लेकर भाजपा और जांच प्रक्रिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी पर उठाए सवाल
संजय राउत ने कहा कि इस मामले को लेकर केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।
राउत ने बयान में कहा कि उनकी राय में यदि किसी स्वतंत्र निगरानी की आवश्यकता हो, तो ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिस पर सभी पक्षों का भरोसा हो। उन्होंने मुंबई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति माधव जामदार का भी उल्लेख करते हुए अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त की।
BJP पर लगाए गंभीर आरोप
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर संजय राउत ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या की पवित्र छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और राम मंदिर के नाम पर कथित अनियमितताएं हुई हैं।
राउत ने अपने बयान में कई राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
अयोध्या को लेकर जताई चिंता
शिवसेना (UBT) नेता ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और राम मंदिर आंदोलन में अनेक लोगों ने अपना योगदान दिया था। उन्होंने दावा किया कि कारसेवकों ने आंदोलन के दौरान बड़े संघर्ष किए और कई लोगों ने बलिदान भी दिया।
राउत ने कहा कि यदि राम मंदिर से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
SIT की जांच जारी
उधर, राम मंदिर चंदा विवाद की जांच कर रही SIT मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन सहित अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।