केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को ‘एक देश, एक चुनाव’ (One Nation, One Election) का विरोध कर रहे कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम पर पलटवार किया। शिवराज ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव पहले एक साथ ही होते थे, लेकिन बाद में कांग्रेस ने इस व्यवस्था को बिगाड़ दिया।
दरअसल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने दावा किया था कि संसद से ‘एक देश, एक चुनाव’ संबंधी विधेयक पारित होने के बावजूद 2029 में एक साथ चुनाव कराना संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यह प्रस्ताव संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करता है।
‘पहले एक साथ होते थे चुनाव’
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव 1952, 1957, 1962 और 1967 में एक साथ हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कांग्रेस ने विपक्ष की चुनी हुई सरकारों को गिराने के लिए असंवैधानिक तरीके अपनाए, जिससे एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था प्रभावित हुई।
शिवराज ने चिदंबरम के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने ‘एक देश, एक चुनाव’ को असंवैधानिक बताया था। उन्होंने पूछा कि अगर पहले देश में चुनाव एक साथ होते थे, तो अब इसे असंवैधानिक कैसे कहा जा सकता है?
लॉ कमीशन और कोविंद कमेटी का किया जिक्र
‘एक देश, एक चुनाव’ के समर्थन में शिवराज ने लॉ कमीशन और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि 1983 में लॉ कमीशन ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की जरूरत बताई थी। इसके बाद 2018 में भी लॉ कमीशन ने इसी विचार को दोहराया। शिवराज ने कहा कि चुनाव आयोग ने भी एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में राय रखी थी।
उन्होंने बताया कि रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने देशभर के बुद्धिजीवियों और कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। प्रस्ताव के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के बाद 100 दिनों के भीतर अन्य चुनाव कराने का सुझाव दिया गया है।
बार-बार चुनाव से विकास प्रभावित: शिवराज
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनावों के कारण सरकार और राजनीतिक दलों का खर्च बढ़ता है और विकास कार्य भी प्रभावित होते हैं। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का काफी समय चुनावी गतिविधियों में चला जाता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी में शिक्षकों, पुलिसकर्मियों, राजस्व कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी बड़ी संख्या में तैनाती होती है। इससे जनसेवा और विकास कार्यों पर असर पड़ता है।
‘राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर’
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस का रुख अपनी जगह हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय हित सबसे ऊपर है। उनके मुताबिक, ‘एक देश, एक चुनाव’ से चुनावी खर्च और प्रशासनिक संसाधनों के इस्तेमाल को कम किया जा सकता है तथा सरकारों को विकास कार्यों पर अधिक समय देने का मौका मिलेगा।
उन्होंने दावा किया कि देश में बड़ी संख्या में लोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के विचार का समर्थन करते हैं और इसे राष्ट्रीय तथा जनहित में जरूरी मानते हैं।







