प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों की सोशल मीडिया पर सक्रियता और प्रदर्शन की सराहना की है। बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस और रैंकिंग साझा की गई। इसमें अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव और सीआर पाटिल समेत कई नेता डिजिटल सक्रियता में आगे रहे।
बैठक में सोशल मीडिया पर जनता से सीधे संवाद और युवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
सिर्फ सरकारी पोस्ट नहीं, जनता से सीधा संवाद जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सोशल मीडिया पर केवल सरकारी फैसलों की पोस्ट या रीपोस्ट करना पर्याप्त नहीं है।
मंत्रियों को लोगों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने, कंटेंट को अधिक प्रभावी बनाने और खासतौर पर नई पीढ़ी तक अपनी पहुंच मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
1 मई से 15 अगस्त तक के प्रदर्शन का आकलन
बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों का मूल्यांकन 1 मई से 15 अगस्त के बीच किया गया। इसमें Instagram, X, Facebook और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट, गतिविधियों, एंगेजमेंट, लाइक्स और फॉलोअर्स जैसे मानकों को आधार बनाया गया।
इस आकलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शीर्ष पर रहे।
विपक्षी नेताओं के सोशल मीडिया प्रदर्शन का भी दिया उदाहरण
बैठक में केवल बीजेपी और केंद्रीय मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता पर चर्चा नहीं हुई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सोशल मीडिया प्रदर्शन का भी उदाहरण दिया गया।
मंत्रियों को समझाया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल मौजूद रहना काफी नहीं है। लगातार और प्रभावी संवाद के जरिए जनता से जुड़ना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ पर फोकस
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ पहल के तहत विश्वविद्यालयों का दौरा करने और छात्रों के साथ समय बिताने का निर्देश दिया।
मंत्रियों से कहा गया कि वे युवाओं से सीधे संवाद करें, उनकी समस्याओं को समझें और उनके विचारों को सुनें।
सरकारी स्कूलों का भी दौरा करेंगे मंत्री
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को अपने संसदीय क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा करने का भी निर्देश दिया।
उन्हें स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और मिड-डे मील की गुणवत्ता का जायजा लेने को कहा गया है।
सरकार का जोर खासतौर पर Gen Z और Gen Alpha तक पहुंच बनाने और जमीनी स्तर की स्थिति को समझने पर है।
युवाओं के लिए AI स्किल ट्रेनिंग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से युवाओं के लिए AI स्किल ट्रेनिंग के अवसरों का भी आकलन करने को कहा है। इसे स्वतंत्रता दिवस के दौरान किए गए ऐलानों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही मंत्रियों को प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए ‘सप्तधारा’ के क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया से स्कूल तक सीधी पहुंच की रणनीति
बैठक में दिए गए निर्देशों से सरकार की नई रणनीति का संकेत मिलता है। अब मंत्रियों से केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की अपेक्षा नहीं है, बल्कि युवाओं, छात्रों और आम लोगों के साथ सीधा संवाद और जमीनी जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
यानी सरकार का नया फोकस सिर्फ ‘पोस्ट करो’ नहीं, बल्कि ‘कनेक्ट करो’ पर दिखाई दे रहा है।







