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‘जैसे को तैसा’: दिल्ली में पाक हाई कमीशन का सुरक्षा घेरा हटाया गया

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admin
20 अगस्त 2026 को 06:19 am बजे
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नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर भारतीय अधिकारियों ने बाहरी सुरक्षा घेरे को हटा दिया। कार्रवाई के दौरान डिप्लोमैटिक कंपाउंड के आसपास लगाए गए ट्रैफिक बोलार्ड्स और कंक्रीट बैरिकेड्स को बुलडोजर और क्रेन की मदद से हटाया गया।

यह कार्रवाई इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन के बाहर पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा बैरिकेड्स हटाए जाने के करीब तीन दिन बाद हुई। घटनाक्रम को दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाई (Tit-for-Tat) के तौर पर देखा जा रहा है।

इस्लामाबाद की कार्रवाई के बाद दिल्ली में कदम

नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस बदलाव को इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के आसपास हुए घटनाक्रम के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में पहले से जारी तनाव के बीच इस तरह की कार्रवाई ने स्थिति को और चर्चा में ला दिया है।

जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी से भी विवाद

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर यात्रा और उनकी टिप्पणी को लेकर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई है।

बुधवार को श्रीनगर दौरे के दौरान गोर ने जम्मू-कश्मीर को “भारत का अहम हिस्सा” बताया और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा की।

अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर में डल झील की सैर भी की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति में सुधार को देखते हुए अमेरिका अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है।

पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारी को किया तलब

गोर की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स नताली बेकर को तलब किया।

पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाले बयान को खारिज कर दिया।

इस्लामाबाद ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और उसकी अंतिम स्थिति संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों तथा कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार निर्धारित होनी बाकी है।

अमेरिका के पुराने रुख का दिया हवाला

पाकिस्तान ने दावा किया कि अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी कश्मीर मुद्दे पर वॉशिंगटन के कथित लंबे समय से चले आ रहे रुख के विपरीत है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति अमेरिका की घोषित प्रतिबद्धताओं का भी हवाला दिया।

ट्रंप की मध्यस्थता के दावे का भी जिक्र

इस्लामाबाद ने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य टकराव के बाद तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से की गई मध्यस्थता की पेशकश का भी उल्लेख किया।

पाकिस्तान ने अमेरिका से आग्रह किया कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर उसके सार्वजनिक बयान उसके कथित आधिकारिक रुख के अनुरूप होने चाहिए।

भारत-पाक संबंधों में बढ़ी संवेदनशीलता

पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरे में बदलाव और जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी से जुड़े विवाद ऐसे समय सामने आए हैं, जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से संवेदनशील दौर में हैं।

दोनों देशों की ओर से राजनयिक और रणनीतिक हितों से जुड़े कदमों पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में दिल्ली और इस्लामाबाद में राजनयिक परिसरों के आसपास हुई हालिया कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।