बॉलीवुड फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर दिल्ली के रोहिणी इलाके में फर्जी CBI अधिकारियों द्वारा छापेमारी की कोशिश का मामला सामने आया है। हालांकि, एक बिजनेसमैन की पत्नी की सतर्कता और हिम्मत के चलते कथित ठग घर में दाखिल नहीं हो सके और बड़ी धोखाधड़ी टल गई।
पुलिस ने परिवार की शिकायत पर FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
8 अगस्त को घर पहुंचा 8-10 लोगों का समूह
बताया गया कि 8 अगस्त को करीब 8 से 10 लोगों का एक समूह बिजनेसमैन के घर पहुंचा। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को CBI अधिकारी बताया और जांच के नाम पर घर में प्रवेश करने की कोशिश की।
महिला ने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया और घर का दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया। उसने कथित अधिकारियों से सर्च वारंट, नोटिस और अन्य जरूरी दस्तावेज दिखाने को कहा।
डेढ़ घंटे तक घर के बाहर खड़े रहे
परिवार के मुताबिक, कथित फर्जी अधिकारी करीब डेढ़ घंटे तक घर के बाहर मौजूद रहे और महिला पर दरवाजा खोलने का दबाव बनाते रहे।
इस दौरान पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी समूह से पहचान और जांच से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा।
जब सर्च वारंट और लिखित नोटिस की कॉपी मांगी गई तो समूह ने कथित तौर पर कहा कि नोटिस उनकी कार में है और वे उसे लेकर आते हैं।
इसके बाद अचानक पूरा समूह वहां से फरार हो गया।
महिला की सतर्कता से टली बड़ी ठगी
महिला द्वारा बिना दस्तावेज देखे घर में प्रवेश की अनुमति नहीं देने से कथित ठगों की योजना विफल हो गई। अगर वे घर में दाखिल हो जाते तो परिवार के साथ बड़ी धोखाधड़ी की आशंका थी।
पूरी घटना घर और आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
परिवार ने तुरंत पुलिस को दी सूचना
कथित फर्जी CBI अधिकारियों के घर के बाहर मौजूद रहने के दौरान परिवार ने पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग चुके थे।
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।
WhatsApp पर मिला था कथित CBI नोटिस
परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि बिजनेसमैन के पिता को WhatsApp पर एक कथित नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस पर CBI निदेशक का नाम और हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था।
बाद में WhatsApp संदेश कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिया था। यह स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंप दिया गया है।
CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अब CCTV फुटेज, WhatsApp नोटिस और शिकायत में उपलब्ध अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। परिवार ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस कथित फर्जी अधिकारियों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।







