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Asish Banerjee की मौत पर भड़के Abhishek, मीडिया ट्रायल पर जताई आपत्ति

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admin
16 अगस्त 2026 को 07:03 am बजे
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने कथित मीडिया ट्रायल को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी का इस तरह जाना केवल दिल तोड़ने वाली घटना नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों की अंतरात्मा को झकझोरने वाला मामला है, जो मानते हैं कि राजनीति और पत्रकारिता की भी कुछ मर्यादाएं और सीमाएं होनी चाहिए।

सुसाइड नोट में बदनामी के अभियान का जिक्र

अभिषेक बनर्जी के मुताबिक, आशीष बनर्जी के आखिरी नोट से संकेत मिलता है कि उनके खिलाफ लगातार बदनाम करने वाला अभियान चलाया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि पूरी सच्चाई सामने आने से पहले आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना, किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाना और उसे तथाकथित जन-अदालत में दोषी ठहरा देना बेहद गलत है।

अभिषेक ने कहा कि जीवनभर शिक्षक और जनसेवक के रूप में काम करने वाले आशीष बनर्जी ने ईमानदारी, गरिमा और सादगी के साथ बीरभूम के लोगों की सेवा की।

राजनीतिक अभियानों के मानवीय असर पर चेताया

टीएमसी सांसद ने कहा कि किसी को बदनाम करने वाले अभियान में शामिल लोगों को अपने शब्दों और कार्यों के मानवीय परिणामों के बारे में जरूर सोचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाइयां आती-जाती रहती हैं, लेकिन एक बार चली गई जिंदगी वापस नहीं आ सकती। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल ने अपनी मिट्टी के एक सम्मानित बेटे को खो दिया है।

उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस मुश्किल और दुख की घड़ी में आशीष बनर्जी के परिवार, छात्रों और चाहने वालों को इस दुख को सहने की शक्ति मिले।

पार्टी कार्यालय में मिला आशीष बनर्जी का शव

टीएमसी के पूर्व विधायक और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे आशीष बनर्जी का शव रविवार को रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला था।

पुलिस के अनुसार, उनके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसी नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

पांच बार विधायक रह चुके थे आशीष बनर्जी

आशीष बनर्जी वर्ष 2001 से 2021 तक लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

उनके निधन के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। वहीं, अभिषेक बनर्जी की मीडिया ट्रायल पर टिप्पणी ने इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है।