नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026। दिल्ली की सड़कों को बिजली, पानी, गैस और अन्य सेवाओं के लिए बार-बार खोदने की समस्या से जल्द राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में मल्टी-यूटिलिटी अंडरग्राउंड डक्ट विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चांदनी चौक से की जाएगी।
चांदनी चौक से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
योजना के पहले चरण में एस्प्लेनेड रोड के 310 मीटर और मोर सराय रोड के 560 मीटर हिस्से में साझा भूमिगत कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।
इन डक्ट्स में तकनीकी रूप से संभव होने पर बिजली केबल, पानी और गैस की पाइपलाइन, फायर हाइड्रेंट नेटवर्क समेत अन्य जरूरी सेवाओं को एक ही भूमिगत व्यवस्था में रखने की योजना है।
बार-बार सड़क खोदने से मिलेगी राहत
सरकार का मानना है कि मल्टी-यूटिलिटी डक्ट बनने से अलग-अलग एजेंसियों को नई लाइन बिछाने या मरम्मत के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत कम होगी।
इससे न केवल सड़कों की मजबूती और गुणवत्ता बनी रहेगी, बल्कि ट्रैफिक बाधित होने की घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही, सड़क खुदाई के कारण होने वाली धूल, जाम और आम लोगों की परेशानी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ समिति तय करेगी तकनीकी डिजाइन
योजना के तकनीकी डिजाइन और क्रियान्वयन के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। इसमें PWD, दिल्ली जल बोर्ड, बिजली वितरण कंपनियों और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
समिति डक्ट के निर्माण में वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा, रखरखाव के लिए रास्ते और आपातकालीन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम करेगी।
सफल रहा तो अन्य इलाकों में भी होगा विस्तार
चांदनी चौक में पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा के बाद इस मॉडल को दिल्ली के अन्य इलाकों में भी लागू करने की योजना है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय जरूरत और तकनीकी परिस्थितियों के आधार पर इसकी संरचना तय की जाएगी।
इस योजना के लागू होने से दिल्ली में बिजली, पानी और गैस जैसी जरूरी सेवाओं के लिए सड़कों की बार-बार खुदाई पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है।
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