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कोटिया में आंध्र की चुनावी गतिविधियों के खिलाफ BJD का दौरा

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admin
23 अक्टूबर 2026 | 11:00 am IST
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बीजू जनता दल (BJD) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ओडिशा के कोरापुट जिले के विवादित कोटिया पंचायत क्षेत्र का दौरा कर सकता है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र के तीन गांवों में पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश की चुनाव संबंधी गतिविधियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगा और स्थानीय निवासियों की समस्याओं को समझेगा।

दशकों पुराना है कोटिया क्षेत्र का विवाद

ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर पूर्वी घाट की पहाड़ियों के बीच बसे कोटिया गांवों को लेकर दोनों राज्यों के बीच दशकों से क्षेत्रीय विवाद जारी है। यह विवाद अक्सर चुनाव के दौरान सामने आता है। दोनों राज्य इस क्षेत्र पर अपना अधिकार जताते हैं और मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।

कोटिया क्षेत्र के निवासियों को दोनों राज्यों में मतदान का अधिकार प्राप्त है। इस कारण वे ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों के चुनावों में मतदान कर सकते हैं।

प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता शामिल

BJD के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद झिना हिकाका, प्रदीप माझी और मनोहर रंधारी के साथ विधायक एवं पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष जगन्नाथ साराका शामिल हैं।

BJD प्रमुख नवीन पटनायक ने पहले इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा था। उन्होंने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से कोटिया के निवासियों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं और परेशानियों को समझने का आग्रह किया था।

दौरे के बाद नवीन पटनायक को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

पार्टी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र की जमीनी स्थिति का आकलन करेगा और चुनाव संबंधी गतिविधियों की प्रत्यक्ष जानकारी जुटाएगा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर नवीन पटनायक को सौंपी जाएगी, ताकि आगे विचार-विमर्श करके उचित कदम उठाए जा सकें।

BJD के मुताबिक, इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय लोगों की चिंताओं को समझना और स्थिति का जायजा लेना है। पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़ा है।

भाजपा के वादों पर भी उठाए सवाल

नवीन पटनायक ने 2024 के विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषणापत्र का हवाला देते हुए कोटिया विवाद पर राज्य सरकार से सवाल किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।

पटनायक के अनुसार, भाजपा ने वादा किया था कि ‘डबल इंजन सरकार’ कोटिया विवाद का समाधान करेगी, ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगी और ओड़िया गौरव को बहाल करेगी।

कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही ओडिशा सरकार

अधिकारियों के मुताबिक, ओडिशा सरकार इस विवाद के समाधान के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। वहीं, आंध्र प्रदेश कोटिया के तीन गांवों में पंचायत चुनाव कराने पर अड़ा हुआ है। ओडिशा इन गांवों को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच यह विवाद अब भी कायम है।