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LAC पर चीन से तनाव जारी? ITBP प्रमुख के बयान पर कांग्रेस का PM मोदी पर हमला

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admin
23 अक्टूबर 2026 | 11:46 am IST
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भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा सीमा तनाव एक बार फिर चर्चा में है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ भारतीय बलों का आमना-सामना हुआ है और स्थिति जारी है। इस बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है।

ITBP प्रमुख ने क्या कहा?

ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में यह टकराव जुलाई से जारी है। उस समय ऐसी खबरें सामने आई थीं कि तक्सिंग क्षेत्र में चीनी सैनिक भारतीय बलों को LAC के पास कुछ महत्वपूर्ण गश्ती बिंदुओं तक पहुंचने से रोक रहे हैं।

ITBP कर्मियों के वार्षिक सम्मान समारोह में कपूर ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में ऐसी स्थिति बनी है, जहां अरुणाचल में कई जगहों पर टकराव हुआ है और यह अभी भी जारी है।”

उनके बयान से सीमा पर जारी तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्थिति सितंबर में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भी बनी हुई थी, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हिस्सा लिया था।

‘शौर्य कमांडो’ की भूमिका की सराहना

ITBP प्रमुख ने सीमा पर तैनात बल के जवानों और ‘शौर्य कमांडो’ के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हाल ही में तैयार किए गए शौर्य कमांडो ने टकराव के दौरान शानदार भूमिका निभाई। ये कमांडो ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अभियान चलाने के लिए प्रशिक्षित होते हैं।

वर्ष 1962 में गठित ITBP भारत-चीन सीमा के लगभग 3,488 किलोमीटर लंबे क्षेत्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कपूर ने कहा कि बल की स्थापना पहाड़ी गुरिल्ला बल के रूप में हुई थी और वर्ष 2004 में उसे चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई।

उन्होंने जोर दिया कि ITBP को अपने मूल दायित्वों पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए।

ड्रोन और विशेष प्रशिक्षण पर जोर

ITBP महानिदेशक ने बताया कि चीन से लगी सीमा देश के सबसे कठिन मोर्चों में से एक है। ऐसे में बल ने अपनी सभी सीमा इकाइयों में ड्रोन प्लाटून तैयार की हैं।

इसके अलावा, गलवान जैसी परिस्थितियों से बेहतर ढंग से निपटने के लिए विशेष युद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाया गया है। सीमा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

तक्सिंग और ऊपरी सुबनसिरी को लेकर पहले भी उठे सवाल

अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर तनाव को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई दावे सामने आए हैं। जुलाई में पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक जांच टीम ने दावा किया था कि चीनी सैनिक तक्सिंग क्षेत्र में भारतीय गश्ती बिंदुओं तक पहुंचने के रास्ते में बाधा डाल रहे हैं। टीम ने ऊपरी सुबनसिरी जिले में चीन की गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई थी।

PPA अरुणाचल प्रदेश का एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है। हालांकि, सरकार ने क्षेत्र पर कब्जे से जुड़े दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।

कांग्रेस ने PM मोदी और अमित शाह से मांगा जवाब

ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर निशाना साधा।

रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चीन के सामने झुक रहे हैं, जबकि ITBP प्रमुख अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ हुए टकराव के दौरान भारतीय जवानों के प्रदर्शन की तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आया है।

कांग्रेस ने LAC पर शांति बनाए रखने के लिए सितंबर में हुई सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत के नतीजों पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने सीमा पर भारतीय गश्ती बिंदुओं तक पहुंच को लेकर सामने आए दावों पर स्पष्टीकरण मांगा है।

चीन की गतिविधियों और बांध परियोजना पर भी चिंता

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय गश्ती बिंदुओं तक पहुंच प्रभावित होने की शिकायत की है। उन्होंने चीन की ओर से क्षेत्र के स्थानों के नाम बदलने और बड़े बांध के निर्माण का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस ने इन गतिविधियों को भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा और पर्यावरण के लिए चिंता का विषय बताया है। हालांकि, सीमा पर कब्जे या गश्ती बिंदुओं तक पहुंच को लेकर लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत में कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में कोई नया क्षेत्र कब्जे में नहीं लिया है। हालांकि, उन्होंने सीमा के पास कुछ चरागाहों तक पहुंच को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को स्वीकार किया।

इस तरह सीमा पर वास्तविक स्थिति को लेकर सरकार और विपक्ष के बयानों में अंतर दिखाई देता है। एक ओर ITBP प्रमुख ने कई स्थानों पर टकराव जारी रहने की बात कही है, वहीं कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा और गश्ती गतिविधियों पर सरकार से जवाब मांगा है।

भारत-चीन संबंधों पर नजर

अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर टकराव की खबरों ने भारत-चीन संबंधों को लेकर नई चिंताएं पैदा की हैं। डोकलाम और पूर्वी लद्दाख में पहले हुए विवादों के बाद यह क्षेत्र भी चर्चा के केंद्र में है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीमा पर स्थिति को सामान्य बनाने के लिए दोनों देश क्या कदम उठाते हैं और सरकार इन घटनाओं तथा विपक्ष के सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देती है।