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राहुल गांधी के तंज पर जयशंकर का जवाब—‘समझदारी से बात करें’

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admin
23 अक्टूबर 2026 | 11:14 am IST
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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात के लिए मुंबई जाने को ‘बुलाया जाना’ (Summoned) बताया था। जयशंकर ने कहा कि राहुल गांधी कूटनीतिक प्रक्रिया को समझ नहीं पाए और उनकी टिप्पणी तथ्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि विदेशी नेताओं से मुलाकात के लिए दिल्ली के अलावा दूसरे शहरों में जाना कोई असामान्य बात नहीं है।

मुंबई में मुलाकात पर राहुल गांधी की टिप्पणी

NDTV वर्ल्ड समिट में बातचीत के दौरान जयशंकर से राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में सवाल पूछा गया। इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में विदेशी मेहमानों से मुलाकात के लिए नेताओं का दिल्ली से बाहर दूसरे शहरों में जाना पहले भी होता रहा है।

मुंबई को लेकर तंज कसते हुए जयशंकर ने कहा कि यह देश की आर्थिक राजधानी है और बॉलीवुड का केंद्र भी है। उन्होंने कहा, “उन्हें मुंबई पसंद नहीं है। शायद उन्हें मुंबई से कोई दिक्कत है। यह हमारी आर्थिक राजधानी है, बॉलीवुड का केंद्र है और यहां बहुत कुछ खास है। हो सकता है कि मुंबई ही उन्हें पसंद न करती हो! मुझे नहीं पता कि उन्हें मुंबई से इतनी आपत्ति क्यों है।”

इंदिरा गांधी और सलमान खुर्शीद के उदाहरण दिए

जयशंकर ने अपनी बात के समर्थन में पुराने कूटनीतिक उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी वर्ष 1972 में पाकिस्तान के तत्कालीन नेता जुल्फिकार अली भुट्टो के साथ शिमला समझौते के लिए शिमला गई थीं।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने राजस्थान के जयपुर में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ से मुलाकात की थी।

इन उदाहरणों का हवाला देते हुए जयशंकर ने सवाल किया कि यदि किसी विदेशी नेता से मिलने के लिए दिल्ली से बाहर जाना ‘बुलावा’ माना जाए, तो क्या इन मुलाकातों को भी उसी नजर से देखा जाना चाहिए?

‘हम समझदार लोग हैं, समझदारी से बात करें’

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए जयशंकर ने कहा कि सभी लोग समझदार हैं और उन्हें मुद्दों पर समझदारी से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर किसी विदेशी नेता या समकक्ष से मिलने के लिए दिल्ली से बाहर जाना ‘बुलावा’ है, तो मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं। श्रीमती गांधी भुट्टो से मिलने शिमला गई थीं। क्या उन्हें बुलाया गया था? सलमान खुर्शीद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलने जयपुर गए थे। क्या उन्हें बुलाया गया था?”

अपनी बात समाप्त करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “हम समझदार लोग हैं, आइए समझदारी से बात करें।”

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर उठाए थे सवाल

इससे पहले राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई में होने वाली मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि रुबियो ने अपने ‘कर्मचारी’ को मुंबई बुलाया है और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी इस मामले में उलझन में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस संबंध में स्पष्टीकरण देने की मांग की थी।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

राहुल गांधी की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक से भारत के विभिन्न शहरों में समय-समय पर विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करने की परंपरा रही है।

विदेश मंत्रालय के इस बयान के साथ सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी विदेशी प्रतिनिधि से मुलाकात के लिए दूसरे शहर में जाना अपने आप में असामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया नहीं है।