यह शिकायत स्वतंत्रता दिवस समारोह के अगले दिन यानी 16 अगस्त को दर्ज कराई गई थी।
शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
शिकायत के मुताबिक, सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कुछ ऐसे इशारे किए और वहां मौजूद लोगों से ऐसी बातचीत की, जिसे शिकायतकर्ता ने ‘वंदे मातरम’ के गायन का विरोध माना।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि राहुल गांधी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया, “हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं।”
हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत का हिस्सा हैं और दिल्ली पुलिस ने अभी इनकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
कानून को लेकर भी उठी बहस
मामले के बीच सुप्रीम कोर्ट के वकील शुभ शर्मा ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ का हवाला देते हुए कहा कि इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है और यह लागू हो चुका है।
शर्मा ने दावा किया कि इस कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा प्राप्त है और इसके प्रावधान सभी लोगों पर लागू होते हैं।
हालांकि, इस कानूनी दावे की वास्तविक स्थिति और लागू प्रावधानों का निर्धारण संबंधित आधिकारिक कानूनी दस्तावेजों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी पर सवाल
शुभ शर्मा ने कहा कि देश के वरिष्ठ नेताओं के सार्वजनिक व्यवहार का व्यापक प्रभाव पड़ता है। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभावना से जुड़े कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों से विशेष जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कथित तौर पर ‘वंदे मातरम’ के विरोध को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसी घटनाओं को लेकर सार्वजनिक बहस होना स्वाभाविक है।
BJP-कांग्रेस में बढ़ा राजनीतिक विवाद
इस मामले ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर राष्ट्रगीत के कथित अनादर का आरोप लगाया है।
वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्यक्रम के दौरान हुई गतिविधियों को लेकर अलग स्पष्टीकरण दिया है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर राजनीतिक मुद्दे को बढ़ाने और अन्य विषयों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।
अमित शाह ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस की आलोचना की है। भाजपा ने मामले को राष्ट्रीय सम्मान और देशभक्ति से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग की है।
दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल दिल्ली पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोनिया गांधी या राहुल गांधी ने वास्तव में ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डाली थी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर तस्वीर साफ होगी।







