तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के मौके पर विधानसभा में बोलते हुए स्टालिन ने राज्य में हाल में हुई हिंसक घटनाओं के पीछे ड्रग्स की समस्या को प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बावजूद राज्य में हत्या और यौन उत्पीड़न जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
अमूधन की हत्या का उठाया मुद्दा
उदयनिधि स्टालिन ने कोयंबटूर में 19 वर्षीय अमूधन की हत्या का मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना को केवल गैंगवार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एक हत्या का मामला है।
स्टालिन के मुताबिक, अमूधन अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से थे। उन्होंने दावा किया कि अमूधन ने ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी थी और इसी वजह से उनकी हत्या की गई।
उन्होंने कहा कि अमूधन के माता-पिता ने भी उनसे बातचीत के दौरान यही आरोप लगाया है। स्टालिन ने कहा कि मामले में ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कल्लाकुरिची में प्रदर्शन का जिक्र
स्टालिन ने बताया कि उनकी पार्टी के नेतृत्व के निर्देश पर कल्लाकुरिची जिला इकाई ने अमूधन की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि इस घटना को महज एक और हत्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाना जरूरी है।
धनुष की हत्या का भी मुद्दा उठाया
विपक्ष के नेता ने चेन्नई के तिरुवोट्टियूर में 12वीं कक्षा के छात्र धनुष की हत्या का भी जिक्र किया।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि धनुष ने ड्रग्स बेचने वाले कथित गिरोह की गतिविधियों पर सवाल उठाया था। उनके मुताबिक, कोयंबटूर की घटना की तरह ही चेन्नई में भी छात्र की हत्या का मामला सामने आया है।
सरकार के ड्रग्स विरोधी दावों पर सवाल
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सरकार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने की बात करती है, लेकिन इसके बावजूद राज्य में ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के अन्य हिस्सों से भी ड्रग्स से जुड़े विवाद और हिंसा के मामले सामने आए हैं। स्टालिन ने कहा कि उन्होंने इन सभी घटनाओं को सरकार के संज्ञान में लाने का काम किया है।
पिछले एक हफ्ते की घटनाओं का हवाला
स्टालिन ने कहा कि उनके द्वारा उठाई गई घटनाएं हाल के एक सप्ताह के दौरान हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में केवल हत्या के मामले ही नहीं, बल्कि यौन उत्पीड़न की कई घटनाएं भी सामने आई हैं।
उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।







