सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी निर्देश दिया कि वे इस मामले से जुड़ी कोई रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष पेश न करें।
राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ राहुल गांधी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी है।
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान पीठ ने कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर के साथ-साथ CBI और ED को भी नोटिस जारी किया।
जांच एजेंसियों की भूमिका पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की परिस्थितियों की जांच करना चाहता है, क्योंकि एक अदालत की ओर से ऐसे निर्देश जारी किए गए थे जिनसे जांच एजेंसियों के काम करने के तरीके पर सवाल उठते हैं।
सुनवाई के दौरान पीठ ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के महत्व पर भी जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसी कार्यवाही में अदालतों से निष्पक्षता के सिद्धांतों का पालन किए जाने की अपेक्षा होती है।
CBI की आपत्ति पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल
जब CBI ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले की जांच किए जाने पर आपत्ति जताई, तो पीठ ने एजेंसी के रुख पर सवाल उठाया।
कोर्ट ने कहा कि यदि CBI ने मामले की जांच खुद से शुरू नहीं की थी और हाई कोर्ट के निर्देश के कारण उसे ऐसा करना पड़ा, तो सुप्रीम कोर्ट उन परिस्थितियों की जांच कर सकता है जिनके तहत ऐसे निर्देश जारी किए गए।
पीठ ने कहा, “अगर आपने इसे खुद शुरू नहीं किया है, तो हमें इसकी जांच करने दें।”
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच का रुख करते हुए राहुल गांधी की कथित संपत्ति की जांच की मांग की थी।
याचिका में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति हो सकती है। इसी मामले में हाई कोर्ट में कार्यवाही चल रही थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का क्या असर?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिलहाल इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी। साथ ही CBI और ED को भी हाई कोर्ट के समक्ष मामले से संबंधित रिपोर्ट पेश करने से रोक दिया गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट मामले की परिस्थितियों और हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई से जुड़े सवालों पर आगे सुनवाई करेगा।







