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चक्रवात ‘मुरासु’ का कहर! आंध्र, तमिलनाडु और ओडिशा में हाई अलर्ट, 120 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

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admin
2 नवंबर 2026 | 11:24 am IST
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बंगाल की खाड़ी में उठा मौसमी सिस्टम अब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) तेजी से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया है।

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और तेलंगाना में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी इसके असर की आशंका जताई गई है।

3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है चक्रवात

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पिछले छह घंटों में चक्रवात ‘मुरासु’ लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। 2 नवंबर को तड़के 2:30 बजे यह बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में केंद्रित था।

मौसम विभाग के अनुसार, तूफान 13.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 82.5 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास स्थित है। यह चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 290 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में है।

IMD ने अनुमान जताया है कि चक्रवात 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच ओंगोल के आसपास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रद्द किया दिल्ली दौरा

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को राज्य में तैयारियों और संभावित नुकसान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बारिश, तेज हवाओं और जलाशयों की स्थिति पर जानकारी ली। साथ ही संभावित रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को होने वाला अपना दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया है। राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियों पर नजर रख रही है।

आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर को दक्षिणी और मध्य तटीय आंध्र प्रदेश के जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं, 3 और 4 नवंबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

राज्य के 20 मंडलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इनमें एलुरु जिले के 9, कृष्णा जिले के 5, एनटीआर जिले के 5 और बापटला जिले का एक मंडल शामिल है।

3 नवंबर को विभिन्न जिलों में संभावित औसत बारिश का अनुमान इस प्रकार है:

एलुरु: 179 मिमी

कृष्णा: 163 मिमी

एनटीआर: 161 मिमी

पश्चिम गोदावरी: 147 मिमी

गुंटूर: 119 मिमी

बापटला: 104 मिमी

तमिलनाडु और ओडिशा में भी हाई अलर्ट

चक्रवात ‘मुरासु’ के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती के अनुसार, राज्य में 2 नवंबर से बारिश शुरू होने की संभावना है। 3 नवंबर को बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, जो 4 नवंबर तक जारी रहने का अनुमान है।

वहीं, तमिलनाडु में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 2 नवंबर को चेन्नई और तिरुवल्लुर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भारी बारिश की आशंका है।

3 नवंबर को बारिश की तीव्रता कम होने का अनुमान है। हालांकि, नीलगिरी के कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

चेन्नई और तिरुवल्लुर में स्कूल-कॉलेज बंद

चक्रवात के कारण भारी बारिश की आशंका को देखते हुए चेन्नई और तिरुवल्लुर में 2 नवंबर को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।

तेलंगाना के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

IMD ने 2 नवंबर के लिए तेलंगाना के दक्षिणी हिस्सों के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। खम्मम, नलगोंडा, सूर्यपेट, महबूबनगर, नागरकुर्नूल और वानपर्थी में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा जनगांव, यादद्री भुवनगिरी, रंगारेड्डी, हैदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले चक्रवात ‘अरनाब’ ने भी मचाई थी तबाही

आंध्र प्रदेश के तट से सटे ओडिशा क्षेत्र में इससे पहले चक्रवात ‘अरनाब’ ने दस्तक दी थी। 28 अक्टूबर को तट से टकराने के दौरान इसकी हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। अब चक्रवात ‘मुरासु’ के खतरे ने एक बार फिर तटीय राज्यों की चिंता बढ़ा दी है।