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दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’, कई इलाकों में AQI 300 पार; GRAP-1 की पाबंदियां लागू

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admin
2 नवंबर 2026 | 11:49 am IST
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दीवाली के त्योहार से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरकर ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई। शहर के कई प्रमुख इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से 350 के पार दर्ज किया गया। रोहिणी में AQI 396 तक पहुंच गया, जबकि चांदनी चौक में यह 360 दर्ज किया गया।

हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली में पिछले एक दशक के दौरान अक्टूबर महीने की सबसे साफ हवा दर्ज की गई थी। प्रदूषण बढ़ने के साथ ही राजधानी में एक बार फिर स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

दिल्ली के किन इलाकों में कितना रहा AQI?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि, कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही।

प्रमुख इलाकों का AQI इस प्रकार है:

इलाका AQI
अलीपुर 379
आनंद विहार 242
अशोक विहार 324
आया नगर 281
बुराड़ी 311
चांदनी चौक 360
द्वारका सेक्टर-8 355
IGI एयरपोर्ट (T3) 284
IIT दिल्ली 334
ITO 349
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 346
JNU 313
लोधी रोड 249
मुंडका 376
नजफगढ़ 313
नरेला 371
ओखला फेज-2 348
पूसा 339
RK पुरम 368
रोहिणी 396
विवेक विहार 374
वजीरपुर 321

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। खासकर रोहिणी, अलीपुर, मुंडका, नरेला और विवेक विहार में AQI 370 से ऊपर दर्ज किया गया।

GRAP के पहले चरण की पाबंदियां लागू

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बीच रविवार (1 नवंबर) से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (Stage-I) के उपाय लागू कर दिए गए हैं। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों, निर्माण गतिविधियों और धूल नियंत्रण से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की जांच भी तेज कर दी है।

BS-IV और पुराने वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध

नए नियमों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह पाबंदी 31 जनवरी तक लागू रहेगी।

हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियों, पुलिस वाहनों और अन्य अधिकृत श्रेणियों को छूट दी गई है।

निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर सख्ती

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए धूल फैलाने वाली निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि, जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को कुछ छूट दी गई है।

इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे। इसमें निर्धारित विशेष छूट वाली परियोजनाएं शामिल नहीं होंगी।

पार्किंग शुल्क दोगुना, वर्क फ्रॉम होम का नियम

प्रदूषण कम करने और निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए दिल्ली के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर 28 फरवरी तक पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है।

वहीं, सरकारी और निजी कार्यालयों को 1 नवंबर से 31 जनवरी तक कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) की सुविधा देनी होगी।

हालांकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को इस नियम से छूट दी गई है।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में GRAP के तहत लागू किए गए उपायों का उद्देश्य हवा की गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकना और राजधानी में प्रदूषण के प्रभाव को कम करना है।