मुंबई में शिवाजी पार्क में कथित तौर पर बिना अनुमति विरोध-प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता अमित ठाकरे और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को परेशानी होने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है। जिन अन्य नेताओं के नाम सामने आए हैं, उनमें विधायक वरुण सरदेसाई, विधायक महेश सावंत और संदीप देशपांडे शामिल हैं। पुलिस ने संबंधित नेताओं को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भी भेजे हैं।
300 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज
मुंबई पुलिस ने राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित 300 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे, अनिल परब, महेश सावंत, वरुण सरदेसाई, नितिन सरदेसाई, संदीप देशपांडे, यशवंत किल्लेदार और सुनील प्रभु समेत शिवसेना (UBT) और MNS के अन्य पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन किया गया और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हुई। मामले में जांच जारी है।
प्रदर्शनकारियों की वैन रोकने का आरोप
आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस वैन को रोककर सरकारी कामकाज में बाधा डाली। दोनों नेताओं के खिलाफ गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
आदित्य ठाकरे ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फट गई। उन्होंने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई और मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मामले में आगे क्या होगा?
FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस आरोपों की जांच करेगी और संबंधित नेताओं के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। पुलिस की जांच में प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, पुलिस वैन रोके जाने के आरोपों और कथित तौर पर सरकारी काम में बाधा डालने की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। संबंधित नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।







