12 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 94 पैसे की मजबूती दर्ज की गई, जिसके बाद प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी हरे निशान पर खुले। निवेशकों की नजर घरेलू बाजार के रुझान, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक परिस्थितियों पर बनी हुई है।
शुक्रवार को रुपया 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि सोमवार को यह मजबूत होकर 95.77 प्रति डॉलर पर खुला। वहीं, 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 298.99 अंक यानी 0.41 प्रतिशत बढ़कर 72,771.32 पर पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी 72.75 अंक की बढ़त के साथ 22,593.20 पर खुला।
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 72,472.33 पर और निफ्टी 50 22,603.05 पर बंद हुआ था।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार के सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 79.57 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 23.91 अंक यानी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 8,978.72 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
इससे संकेत मिला कि बाजार में तेजी के बावजूद सभी श्रेणियों के शेयरों में एक जैसी खरीदारी नहीं हुई।
सेंसेक्स के इन शेयरों में दिखी तेजी
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टाटा स्टील, L&T, M&M, TCS और रिलायंस इंडस्ट्रीज में बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में टाटा स्टील सबसे आगे रहा और इसके शेयर में करीब 0.95 प्रतिशत की तेजी आई।
इसके विपरीत, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और ICICI बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। टेक महिंद्रा का शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 0.71 प्रतिशत नीचे रहा।
NSE पर शुरुआती कारोबार के दौरान 2,120 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 466 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, 139 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस तरह शुरुआती कारोबार में बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना रहा।
एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव
एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग और हवाई अड्डों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई थी। इसके साथ ही निवेशक कंपनियों के नतीजों के आगामी सीजन को लेकर सतर्क नजर आए।
उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 11.19 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 69,030.92 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 23.65 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ आगे बढ़ा।
दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 184.87 अंक यानी 2.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 4.71 अंक यानी 0.12 प्रतिशत बढ़कर कारोबार कर रहा था।
निवेशकों की नजर किन बातों पर?
भारतीय बाजार की आगे की दिशा पर घरेलू और वैश्विक कारकों का असर देखने को मिल सकता है। रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और कंपनियों के तिमाही नतीजे निवेशकों के लिए अहम रहेंगे।
हालांकि, बाजार की शुरुआती तेजी को पूरे कारोबारी दिन की दिशा का संकेत नहीं माना जा सकता। निवेशकों को कारोबार के दौरान सूचकांकों और प्रमुख शेयरों में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।







