भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक Sensex और Nifty बुधवार को गिरावट के साथ खुले। निवेशकों की नजर RBI के नीतिगत फैसले पर है। वहीं, वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के कारण भी बाजार की शुरुआत सतर्क रुख के साथ हुई।
30 शेयरों वाला BSE Sensex 102.43 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 72,965.38 पर पहुंच गया। वहीं, Nifty 85.65 अंक की गिरावट के साथ 22,690.45 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में Sensex 73,067.81 और Nifty 50 22,776.10 पर बंद हुआ था।
Midcap और Smallcap में दिखी बढ़त
हालांकि, व्यापक बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। BSE Midcap Select Index में 15.76 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, BSE Smallcap Select Index 13.64 अंक या 0.15 प्रतिशत चढ़कर 9,138.96 पर कारोबार करता नजर आया।
Titan समेत इन शेयरों में गिरावट
Sensex में शुरुआती कारोबार के दौरान Bajaj Finance, Eternal, Bharti Airtel, Kotak Bank और Tech Mahindra के शेयरों में तेजी रही। इनमें Bajaj Finance का शेयर 1.26 प्रतिशत चढ़कर सबसे ज्यादा बढ़त में रहा।
दूसरी ओर, Titan, Asian Paints, UltraTech Cement, M&M और L&T के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें Titan के शेयर करीब 3 प्रतिशत टूटे।
शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा। NSE पर 1,681 शेयरों में गिरावट, जबकि 827 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। वहीं, 124 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
Gift Nifty ने क्या संकेत दिया?
Nifty 50 के शुरुआती संकेतक Gift Nifty ने बाजार की सपाट शुरुआत के संकेत दिए थे। Gift Nifty 2.5 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 22,776.50 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 22,774 पर बंद हुआ था।
FII की बिकवाली जारी, DII ने संभाला मोर्चा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली जारी रखी। 6 अक्टूबर 2026 को FII ने 2,961.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में खरीदारी जारी रखी और 5,088.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बाजार को लेकर क्या है एक्सपर्ट की राय?
चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक दीपेश सरवागी के मुताबिक, निकट अवधि में बाजार का सकारात्मक परिदृश्य बना हुआ है। कीमतों में मजबूत सुधार और बाजार की बेहतर स्थिति से निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
हालांकि, FII की लगातार बिकवाली अभी भी बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। दोनों प्रमुख सूचकांक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तरों के करीब पहुंच रहे हैं। ऐसे में इन स्तरों पर बिकवाली के दबाव को बाजार कितनी मजबूती से संभालता है, यह तय करेगा कि हालिया तेजी टिकाऊ सुधार में बदलती है या नहीं।
एशियाई बाजारों में भी दबाव
अमेरिकी शेयर बाजारों के नए उच्च स्तर पर पहुंचने के बावजूद एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में हाल के निचले स्तरों से मामूली सुधार का भी बाजार पर असर रहा।
रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का Nikkei 225 463.98 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 70,220 पर था। वहीं, Hong Kong का Hang Seng 160.56 अंक या 0.66 प्रतिशत और South Korea का KOSPI 56.85 अंक या 0.82 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।







