एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने आखिरकार स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म कर दिया। शुक्रवार को कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए और एशियाई रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।
यह एशियाई खेल 2026 में भारत का शूटिंग में पहला गोल्ड मेडल और कुल मिलाकर दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने देश को पहला गोल्ड दिलाया था।
आखिरी समय का फैसला बना गेमचेंजर
इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी पहले से तय नहीं थी। प्रतियोगिता से ठीक पहले भारतीय टीम प्रबंधन ने मिक्स्ड टीम संयोजन में बदलाव किया।
पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालिफिकेशन में कमलजीत ने मजबूत प्रदर्शन किया था और भारत के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। इसके बाद टीम प्रबंधन ने उन्हें मिक्स्ड टीम में सुरुचि के साथ उतारने का फैसला किया।
यह बदलाव भारत के लिए बेहद सफल साबित हुआ।
क्वालिफिकेशन में भी नंबर-1 रही भारतीय जोड़ी
कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी शानदार निशानेबाजी की और 587 अंक बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद फाइनल में भी दोनों ने शुरुआत से बढ़त बनाए रखी।
भारतीय जोड़ी ने दबाव के बावजूद लगातार सटीक निशाने लगाए और मुकाबले के निर्णायक चरण में दक्षिण कोरिया से स्पष्ट बढ़त बना ली।
फाइनल में 6.6 अंकों की बड़ी जीत
फाइनल में भारत का प्रदर्शन पूरी तरह प्रभावशाली रहा। कमलजीत और सुरुचि ने कुल 484.6 अंक बनाए, जबकि दक्षिण कोरियाई जोड़ी का स्कोर 478.0 रहा।
इस तरह भारत ने 6.6 अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक जीता। शूटिंग जैसे खेल में यह अंतर काफी बड़ा माना जाता है, क्योंकि कई बार पदक का फैसला बेहद मामूली अंतर से होता है।
व्यक्तिगत मुकाबलों की निराशा के बाद शानदार वापसी
यह जीत दोनों निशानेबाजों के लिए खास रही क्योंकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।
कमलजीत पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से मामूली अंतर से चूक गए थे, जबकि सुरुचि भी महिला व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में नहीं पहुंच सकीं।
लेकिन मिक्स्ड टीम इवेंट में दोनों ने जोरदार वापसी करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया।
शूटिंग में भारत का स्वर्ण इंतजार खत्म
एशियाई खेलों के शुरुआती दिनों में भारतीय निशानेबाजों ने कई पदक जरूर जीते थे, लेकिन गोल्ड मेडल का इंतजार बना हुआ था।
कमलजीत और सुरुचि की इस जीत ने न केवल वह इंतजार खत्म किया, बल्कि भारतीय शूटिंग दल का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।
भारतीय जोड़ी का यह प्रदर्शन इसलिए भी यादगार बन गया क्योंकि उन्होंने दबाव वाले मुकाबले में एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
एशियाई खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड
इस जीत के साथ भारत के खाते में एशियाई खेल 2026 का दूसरा स्वर्ण पदक जुड़ गया है। पहला स्वर्ण भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता था।
अब कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने शूटिंग में भारत को पहला गोल्ड दिलाकर पदक तालिका में देश की स्थिति को और मजबूत किया है।







