भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चीफ सेलेक्टर के तौर पर अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें भावुक संदेश दिया। इसके साथ ही गंभीर ने अगरकर के आलोचकों पर भी निशाना साधते हुए टीम इंडिया की हालिया सफलताओं में उनके योगदान की सराहना की।
अजीत अगरकर का तीन साल से ज्यादा लंबा कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया। इसके बाद BCCI ने नए चीफ सेलेक्टर की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
‘इतिहास आपको बेहतर नजरिए से देखेगा’
गंभीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अगरकर के लिए एक भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में टीम इंडिया को मिली सफलता के पीछे ‘टीम को सबसे पहले रखने’ की सोच और मजबूत इरादे की अहम भूमिका रही।
गंभीर ने लिखा, “प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात रही। वे तीन ICC ट्रॉफियां आपके पक्के इरादे का सबूत हैं—टीम सबसे पहले और टीम हमेशा आगे। मैं यह जरूर कहूंगा कि इतिहास आपको बेहतर नजरिए से देखेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के कामों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।”
बड़े और कठिन फैसले लेने से नहीं हिचके
अगरकर उन चीफ सेलेक्टर्स में शामिल रहे, जिन्होंने बड़े और कभी-कभी अलोकप्रिय फैसले लेने से भी परहेज नहीं किया। उनके कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम ने विराट कोहली और रोहित शर्मा से आगे बढ़ते हुए नए खिलाड़ियों को मौका दिया।
वहीं, सूर्यकुमार यादव को भारत के 2026 T20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के कुछ ही हफ्तों बाद T20I टीम से बाहर करने का फैसला भी चर्चा में रहा।
चयन समिति ने भविष्य के लिए टीम तैयार करने पर जोर दिया और कई मौकों पर स्थापित नामों की जगह युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। हालांकि, उनके कुछ फैसलों की आलोचना भी हुई, लेकिन चयन प्रक्रिया का व्यापक नजरिया टीम को भविष्य के लिए तैयार करने पर केंद्रित रहा।
अगरकर के बाद टीम में दिखा बड़ा बदलाव
अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के तुरंत बाद भुवनेश्वर कुमार की T20I टीम में वापसी भी चर्चा में रही। अनुभवी तेज गेंदबाज की करीब चार साल बाद टीम में वापसी को चयन नीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया।
BCCI ने अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के करीब 48 घंटे बाद नए चीफ सेलेक्टर के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए। अगरकर ने जुलाई 2023 में सीनियर पुरुष चयन पैनल की कमान संभाली थी। हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक वह अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं थे।
गंभीर और अगरकर ने साथ मिलकर जीतीं तीन ICC ट्रॉफियां
अगरकर के चीफ सेलेक्टर रहते ही गौतम गंभीर भारतीय टीम के हेड कोच बने। दोनों ने मिलकर Champions Trophy 2025 और T20 World Cup 2026 सहित टीम इंडिया के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों पर काम किया।
अगरकर के कार्यकाल के दौरान भारत ने तीन ICC ट्रॉफियां जीतीं—2024 T20 World Cup, 2025 Champions Trophy और 2026 T20 World Cup। इसके अलावा टीम 2023 ODI World Cup के फाइनल तक भी पहुंची।
चीफ सेलेक्टर के तौर पर अगरकर का कार्यकाल
अजीत अगरकर ने 4 जुलाई 2023 को भारत के सीनियर पुरुष चयन पैनल के चेयरमैन का पद संभाला था। करीब तीन साल से ज्यादा के उनके कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट ने कई बड़े बदलाव देखे।
अगरकर के कार्यकाल की एक खास बात यह भी रही कि चयन समिति मीडिया के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा सुलभ रही। वह चयन बैठकों के बाद नियमित रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे और टीम चयन से जुड़े बड़े फैसलों के पीछे की सोच बताते थे।
अगरकर ने कई मौकों पर यह भी कहा कि सभी को खुश करना संभव नहीं है। भारतीय क्रिकेट में लोगों की गहरी दिलचस्पी को देखते हुए चयनकर्ताओं को आलोचना का सामना करना पड़ता है।
रोहित-विराट के ODI भविष्य पर भी हुई चर्चा
अगरकर का कार्यकाल विवादों से पूरी तरह अछूता नहीं रहा। सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा और विराट कोहली के ODI भविष्य को लेकर हुई, खासकर 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए।
अक्टूबर 2025 में अगरकर ने सार्वजनिक तौर पर दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के टीम में बने रहने का समर्थन किया था। उन्होंने उनके शानदार ODI रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें ‘ट्रायल’ पर नहीं रखा जाएगा।
हालांकि, 2026 में एक बार फिर रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी। इस दौरान अगरकर और BCCI के बीच अनुभवी खिलाड़ी के वनडे करियर को लेकर मतभेद की खबरें भी सामने आईं। आगे चलकर इसे अगरकर के कार्यकाल के अंत से जुड़े मुद्दों में से एक के तौर पर देखा गया।
आलोचनाओं के बीच भी जारी रहा टीम निर्माण
अगरकर के कार्यकाल में कई चयन फैसलों को प्रशंसकों और क्रिकेट जगत के एक वर्ग की आलोचना का सामना करना पड़ा। खासकर स्थापित खिलाड़ियों को धीरे-धीरे टीम से बाहर करने के फैसले चर्चा में रहे।
इसके बावजूद चयन समिति ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने और भविष्य की टीम तैयार करने पर जोर बनाए रखा। गौतम गंभीर के संदेश से भी यह साफ है कि वह अगरकर के कार्यकाल को भारतीय टीम की हालिया सफलताओं और ‘टीम फर्स्ट’ सोच के संदर्भ में देखते हैं।







