नई दिल्ली। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर जारी छात्रों के विरोध के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित की गई सभी परीक्षाओं, उनके परिणामों और एजेंसी से जुड़ी अन्य गतिविधियों को रद्द करने की घोषणा की है।
सरकार ने विवादों में रही JSSC-CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा को भी निरस्त करने का फैसला किया है।
कैबिनेट बैठक में लिया गया निर्णय
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि छात्रों के विरोध और परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, TDPL से संबंधित परीक्षाओं, घोषित परिणामों, चयनित या शामिल उम्मीदवारों और एजेंसी की अन्य गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच
सोरेन ने कहा कि वर्ष 2014 से हुई कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच की जाएगी। इसमें छोटी या बड़ी सभी तरह की गड़बड़ियों को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, SIT और CID की जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच जारी होने के कारण फिलहाल सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच में अलग-अलग समय पर झारखंड में काम करने वाली कई कंपनियों के बीच एक जटिल नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
JSSC-CGL परीक्षा भी रद्द
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच की जाएगी और दोष सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी समिति
सरकार परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति बनाने जा रही है। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सुझाव देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन के लिए पहले से Standard Operating Procedure (SOP) मौजूद है। यदि उसका सख्ती से पालन किया जाता तो कथित गड़बड़ियों को रोका जा सकता था। सरकार अब मौजूदा व्यवस्था में जरूरी सुधार करने की तैयारी कर रही है।
छात्रों की CBI जांच की मांग अभी बाकी
सरकार के फैसले के बाद JPSC और JSSC के कई उम्मीदवारों ने खुशी जताई है। हालांकि, छात्र नेताओं ने साफ किया है कि उनकी CBI जांच की मांग अभी स्वीकार नहीं हुई है।
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि जब तक CBI जांच की मांग नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने लंबे विरोध के बाद छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया, लेकिन भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही।
छात्रों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छात्र भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को खत्म करने की कोशिश का समर्थन करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि जांच के जरिए कथित रैकेट में शामिल लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
सरकार और छात्रों के बीच टकराव जारी
TDPL से जुड़ी परीक्षाओं और JSSC-CGL को रद्द करने का फैसला छात्रों की प्रमुख मांगों में से कुछ को पूरा करता है, लेकिन CBI जांच को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच मतभेद अभी बरकरार हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में छात्रों का आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर नजर रहेगी।







