पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है, जिन्होंने हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार परगट सिंह की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।
राजा वड़िंग के बाद परगट सिंह को जिम्मेदारी
राजा वड़िंग अप्रैल 2022 से पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे। पिछले कुछ महीनों से पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर अंदरूनी मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं। 30 सितंबर 2026 को वड़िंग ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद नए अध्यक्ष को लेकर कई नाम चर्चा में थे। अंततः कांग्रेस नेतृत्व ने परगट सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी।
कांग्रेस ने निवर्तमान अध्यक्ष राजा वड़िंग के कार्यकाल और योगदान की सराहना भी की है। पार्टी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि पंजाब में चुनाव से जुड़ी विभिन्न समितियों में नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष, चेयरमैन और सह-चेयरमैन अपनी जिम्मेदारियां पहले की तरह निभाते रहेंगे।
कौन हैं परगट सिंह?
परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और ओलंपियन रह चुके हैं। वह वर्तमान में जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और पंजाब सरकार में शिक्षा एवं खेल मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
खेल के मैदान से राजनीति तक लंबा सफर तय करने वाले परगट सिंह के सामने अब पंजाब कांग्रेस के विभिन्न गुटों के बीच समन्वय स्थापित करने और संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की चुनौती होगी।
वड़िंग ने दी परगट सिंह को बधाई
प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। वड़िंग ने कहा कि वह आगे भी कांग्रेस की सेवा करते रहेंगे।
सचिन पायलट को लेकर क्या बोले वड़िंग?
इस्तीफे के बाद वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि पायलट ने उनके स्थान पर नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया होगा, हालांकि वड़िंग ने स्वयं स्वीकार किया कि इस दावे के समर्थन में उनके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है। इसलिए इसे वड़िंग की व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जाना चाहिए।
2027 चुनाव से पहले अहम संगठनात्मक बदलाव
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में परगट सिंह की नियुक्ति को कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य इकाई में पिछले कुछ समय से दिखाई दे रहे अंदरूनी मतभेदों के बीच नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की होगी।







