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PM Vishwakarma: 18 पारंपरिक ट्रेड को टूलकिट और सस्ता लोन

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admin
29 सितंबर 2026 | 02:57 pm IST
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अगर आप किसी पारंपरिक हुनर से जुड़े काम को आगे बढ़ाकर व्यवस्थित व्यवसाय बनाना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र कारीगरों और शिल्पकारों को ₹15,000 तक टूलकिट प्रोत्साहन, प्रशिक्षण के दौरान भत्ता और ₹3 लाख तक रियायती ऋण का लाभ मिल सकता है।

18 पारंपरिक ट्रेड को योजना का लाभ

PM Vishwakarma योजना के दायरे में बढ़ई, नाव निर्माता, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी और चटाई बनाने वाले, खिलौना निर्माता, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी और फिशिंग नेट निर्माता सहित कुल 18 पारंपरिक ट्रेड शामिल हैं।

इस योजना का संचालन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के तहत किया जाता है।

₹15,000 तक टूलकिट इंसेंटिव

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आधुनिक औजार और जरूरी उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 तक का टूलकिट इंसेंटिव दिया जाता है।

इसका उद्देश्य कारीगरों को पुराने उपकरणों पर निर्भर रहने के बजाय बेहतर और आधुनिक साधनों से काम करने में मदद देना है, जिससे उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार हो सके।

ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन भत्ता

PM Vishwakarma योजना में बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की गई है। प्रशिक्षण के दौरान पात्र लाभार्थियों को ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है।

इस प्रशिक्षण के जरिए कारीगरों को नई तकनीक, बेहतर डिजाइन, गुणवत्ता सुधार और बाजार की मांग के अनुसार काम करने की जानकारी दी जाती है।

कारोबार के लिए ₹3 लाख तक सस्ता ऋण

कारीगरों को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए योजना में कुल ₹3 लाख तक का बिना गारंटी वाला Enterprise Development Loan देने का प्रावधान है।

पहले चरण में लाभार्थी को ₹1 लाख तक और पात्रता पूरी करने पर दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का ऋण मिल सकता है। लाभार्थी के लिए प्रभावी ब्याज दर 5 प्रतिशत रखी गई है।

इससे छोटे कारीगरों को मशीन, कच्चा माल, दुकान, उत्पादन क्षमता और दूसरे व्यावसायिक खर्चों के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल भुगतान और मार्केटिंग में भी सहायता

योजना केवल औजार और ऋण तक सीमित नहीं है। इसमें कारीगरों को डिजिटल भुगतान, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ई-कॉमर्स और मार्केटिंग सहायता देने का भी प्रावधान है।

इससे पारंपरिक कारीगरों को स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर बड़े बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।

किन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी?

PM Vishwakarma योजना खास तौर पर उन कारीगरों और शिल्पकारों के लिए उपयोगी है, जो पहले से पारंपरिक पेशे से जुड़े हैं और अपने हुनर को अधिक संगठित, आधुनिक और आय देने वाले व्यवसाय में बदलना चाहते हैं।

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