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सीमापुरी हादसा: इमारत ढहने से 4 की मौत, क्षतिग्रस्त ढांचे गिराएगा MCD

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admin
9 अक्टूबर 2026 | 12:22 pm IST
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दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके सीमापुरी में चार मंजिला इमारत ढहने की दर्दनाक घटना के बाद बृहस्पतिवार को भी मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी रहा। इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की उन इमारतों और ढांचों को भी सावधानीपूर्वक गिराने का फैसला किया है, जिन्हें हादसे के दौरान आंशिक नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल पर मलबा हटाने के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने का काम किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि इस दौरान आसपास की इमारतों को और नुकसान न पहुंचे तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मलबा हटाने के बाद गिराए जाएंगे क्षतिग्रस्त ढांचे

शाहदरा उत्तरी क्षेत्र के उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि इमारत गिरने से आसपास की इमारतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। फिलहाल मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों को सावधानीपूर्वक गिराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आसपास की इमारतों पर अतिरिक्त प्रभाव न पड़े, इसके लिए ढांचों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। सीमापुरी का इलाका घनी आबादी वाला है और यहां इमारतें एक-दूसरे के काफी करीब बनी हुई हैं। ऐसे में राहत और सफाई अभियान के दौरान विशेष सावधानी बरती जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने और सफाई का काम शुक्रवार तक पूरा होने की संभावना है।

सड़क पर गिर गई थी चार मंजिला इमारत

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि चार मंजिला इमारत सड़क पर गिर गई थी। इस घटना में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ वहां से गुजरने वाले राहगीर भी प्रभावित हुए।

जिलाधिकारी के अनुसार, पास की एक अन्य इमारत को पिछले तीन-चार दिनों से वाइब्रेटिंग मशीनों की मदद से गिराया जा रहा था। इसी दौरान आसपास के ढांचों की स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, चार मंजिला इमारत के ढहने की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

मजिस्ट्रेट जांच में सामने आएगी हादसे की वजह

अधिकारियों ने बताया कि सीमापुरी में छोटे प्लॉट, संकरी गलियां और पतली दीवारों वाली इमारतें होने के कारण कई ढांचे एक-दूसरे को सहारा देते हैं। ऐसी स्थिति में किसी एक इमारत को गिराने या उसमें बदलाव करने से आसपास की इमारतों की स्थिरता प्रभावित होने की आशंका रहती है।

प्रशासन के मुताबिक, इमारत ढहने के सटीक कारणों का पता मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही चल सकेगा। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या किसी प्रकार की लापरवाही इसकी वजह बनी।

मौतों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग दावे

सीमापुरी हादसे में मृतकों की संख्या चार बताई गई है। वहीं, इलाके के आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक वीर सिंह धींगान ने दावा किया कि स्थानीय लोगों के अनुसार इस घटना में सात से आठ लोगों की मौत हुई है।

हालांकि, विधायक के इस दावे की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। हादसे में हताहत लोगों की अंतिम संख्या संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल प्रशासन का ध्यान मलबा हटाने, प्रभावित ढांचों को सुरक्षित तरीके से गिराने और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने के बाद ही इस दर्दनाक हादसे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।