नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) ने तेलंगाना में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब राज्य की अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने इस पुनरीक्षण के लिए 1 अक्टूबर 2026 को योग्यता (Qualifying) तिथि निर्धारित किया है।
यह फैसला तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर लिया गया, जिन्होंने मतदाताओं की गणना प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।
10 अगस्त तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान
चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य अब 10 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा।
17 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार—
17 अगस्त 2026: प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन
17 अगस्त से 16 सितंबर: दावा और आपत्ति दर्ज करने की अवधि
17 अगस्त से 15 अक्टूबर: दावे और आपत्तियों का निस्तारण
19 अक्टूबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
राजनीतिक दलों और जनता को दी जाएगी जानकारी
चुनाव आयोग ने राज्य के चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित कार्यक्रम का सभी मीडिया माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित रूप से नई समय-सारिणी की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
आंध्र प्रदेश में जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
इस बीच, चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश में भी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत गणना चरण पूरा होने के बाद प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी है।
आयोग के अनुसार—
राज्य के कुल 4,16,27,694 पंजीकृत मतदाताओं में से
3,71,38,182 मतदाताओं (करीब 89.22%) ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए।
पुनरीक्षण के दौरान 15.22 लाख मतदाता मृत पाए गए।
यह गणना अभियान 15 जून से 24 जुलाई तक चलाया गया था।
ओडिशा में भी बढ़ाई गई दावा-आपत्ति की समय-सीमा
चुनाव आयोग ने ओडिशा में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावा और आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है।
अब मतदाता 4 अगस्त की बजाय 19 अगस्त 2026 तक दावा और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। यह निर्णय ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर लिया गया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि ओडिशा में यह पुनरीक्षण 1 जुलाई 2026 को योग्यता तिथि मानकर किया जा रहा है। संशोधित अधिसूचना के अनुसार, अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया में शामिल करने के उद्देश्य से समय-सीमा बढ़ाई गई है।







