फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस थिएटर मालिकों पर दबाव डाल रही है कि वे फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ को प्रदर्शित न करें। यह फिल्म अगस्त 1946 के कोलकाता दंगों (डायरेक्ट एक्शन डे) पर आधारित है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
फिल्म की निर्माता और अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिनेमाघर मालिकों को धमकाया जा रहा है और हिंसा के डर से वे फिल्म दिखाने से इनकार कर रहे हैं।
पत्र में जोशी ने लिखा:
“मैं किसी फिल्म के लिए उपकार नहीं चाहती, बल्कि कला, सच्चाई और मां भारती की आत्मा के लिए बिना डर के बोलने की जगह चाहती हूं। आप मेरी आखिरी उम्मीद हैं।”
कानूनी विवाद और याचिका
गोपाल चंद्र मुखर्जी के पोते ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की है। उनका दावा है कि फिल्म में मुख्य किरदार को गलत तरीके से दर्शाया गया है।
रिलीज़ की तारीख और विषयवस्तु
फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ की रिलीज़ 5 सितंबर को तय है।
पल्लवी जोशी का कहना है कि फिल्म में:
‘डायरेक्ट एक्शन डे’ के हिंदू नरसंहार
नोआखली की भयावहता
विभाजन के आघात
की सच्चाई को उजागर किया गया है।
थिएटर मालिकों की दलील
दक्षिण कोलकाता के नवीना थिएटर के मालिक नवीन चोखानी ने कहा कि उनके थिएटर में पहले से ही ‘बागी 4’ और बंगाली फिल्म ‘धूमकेतु’ लगी हुई हैं, इसलिए वे फिलहाल कोई नई फिल्म नहीं दिखा सकते।
अग्निहोत्री का आरोप
निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस अधिकारी थिएटर मालिकों को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माता इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।







