उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी यूपी चुनाव अकेले लड़ने के बजाय गठबंधन के विकल्प पर विचार कर रही है। हालिया बयानों में ओवैसी ने अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
गठबंधन को लेकर ओवैसी ने क्या कहा?
ओवैसी ने कहा कि वह अकेले चुनाव नहीं लड़ना चाहते और गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी किसी गठबंधन को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, AIMIM गठबंधन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के विकल्प पर काम कर रही है।
AIMIM ने इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में संभावित गठबंधन के संकेत दिए हैं। जून 2026 में पार्टी ने करीब 200 विधानसभा सीटों पर तैयारी की बात कही थी, साथ ही गठबंधन होने की स्थिति में सीटों की संख्या बदलने की संभावना भी रखी थी।
चंद्रशेखर आजाद की पार्टी का भी जिक्र
ओवैसी ने गठबंधन की संभावनाओं के संदर्भ में अन्य दलों के साथ बातचीत के संकेत दिए हैं। राजनीतिक रिपोर्टों में चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) समेत अन्य दलों के साथ संभावित तालमेल की चर्चा सामने आई है। हालांकि, किसी अंतिम गठबंधन की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
समाजवादी पार्टी पर ओवैसी का हमला
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (SP) और उसके नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के लिए AIMIM को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सपा को अपने प्रदर्शन का आत्म-मंथन करना चाहिए।
ओवैसी ने यह भी कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की कोशिश की थी, लेकिन उस समय दोनों दलों के बीच समझौता नहीं हो सका।
‘B Team’ के आरोप पर क्या बोले ओवैसी?
समाजवादी पार्टी की ओर से AIMIM पर भाजपा की ‘B Team’ होने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। ओवैसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सपा के पिछले चुनावी प्रदर्शन का हवाला दिया और कहा कि उनकी पार्टी को लगातार हार के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
वक्फ कानून और कानून-व्यवस्था का मुद्दा
इंडिया टीवी से बातचीत में ओवैसी ने वक्फ कानून में संशोधन और उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी आपत्तियां रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मुस्लिम समुदाय से जुड़े मामलों में कानून का समान रूप से पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने सहारनपुर और संभल समेत कुछ स्थानों पर मस्जिदों और कब्रिस्तानों से जुड़े मामलों तथा बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। ये ओवैसी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर सरकार और अन्य पक्षों के अपने जवाब और मत हैं।
अक्टूबर तक गठबंधन पर तस्वीर साफ होने के संकेत
उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 से पहले AIMIM की रणनीति में गठबंधन का विकल्प महत्वपूर्ण दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ओवैसी ने संकेत दिया है कि पार्टी अपने गठबंधन को लेकर 2 अक्टूबर तक फैसला घोषित कर सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि AIMIM किस पार्टी या दलों के साथ औपचारिक गठबंधन करेगी। ऐसे में चुनाव से पहले संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।







