National Thoughts Logo
National Thoughts
AWebPortalOfPositiveJournalism

प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए मिले 5 करोड़? कोहली की टीम ने खोला राज

a
admin
7 अक्टूबर 2026 | 02:29 pm IST
Featured Image

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही खबरों पर उनकी टीम की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है। विराट कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने उन दावों को “पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के हिसाब से गलत” बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि कोहली को आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये मिले थे।

प्रवक्ता ने बयान में कहा, “विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से पूरी तरह अपनी गहरी आस्था और महाराज जी के प्रति सम्मान के कारण मिलने जाते हैं।” टीम ने इन दावों का पुरजोर खंडन करते हुए मीडिया से अपील की कि ऐसी खबरों को प्रकाशित या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच की जाए और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग की जाए।

कहां से आया 5 करोड़ रुपये का दावा?

5 करोड़ रुपये से जुड़ा यह दावा ‘फलाहारी महाराज’ के नाम से मशहूर श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा की ओर से किया गया था। खबरों के मुताबिक, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने कथित तौर पर विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम ले जाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

हालांकि, कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

पहली बार 2023 में आश्रम पहुंचे थे विराट-अनुष्का

विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने अपनी बेटी वामिका के साथ पहली बार जनवरी 2023 में वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम का दौरा किया था। इसके बाद यह जोड़ा 2025 में भी महाराज से मिलने पहुंचा था। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मई 2025 में भी विराट और अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की थी।

विराट और अनुष्का को प्रेमानंद महाराज की सीख

एक मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को जीवन और आध्यात्मिकता से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख दी थी। उन्होंने कहा था कि व्यक्ति को अपने काम को सेवा मानकर करना चाहिए, गंभीर स्वभाव रखना चाहिए, विनम्र रहना चाहिए और ईश्वर का नाम जपना चाहिए।

महाराज ने यह भी कहा था कि मन में परमेश्वर के दर्शन की सच्ची इच्छा होनी चाहिए।

टेस्ट संन्यास के बाद भी मिली आध्यात्मिक सीख

विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद हुई एक अन्य मुलाकात में प्रेमानंद महाराज ने उन्हें जीवन में मिलने वाले वैभव और आंतरिक चिंतन के महत्व के बारे में समझाया।

उन्होंने कहा कि जीवन में मिलने वाला वैभव केवल कृपा नहीं, बल्कि पुण्य का परिणाम भी माना जाता है। उनके मुताबिक, वास्तविक बदलाव व्यक्ति के आंतरिक चिंतन में होना चाहिए। उन्होंने विराट को सलाह दी कि वे जिस तरह जीवन जी रहे हैं, उसी तरह रहें, लेकिन भीतर से यश और पहचान की इच्छा को कम करते हुए परमेश्वर की प्राप्ति की भावना रखें।

महाराज ने संदेश दिया कि व्यक्ति के मन में यह भाव होना चाहिए कि सांसारिक अनुभवों के बाद अब उसकी सबसे बड़ी इच्छा “प्रभु, अब मुझे आप चाहिए” की हो।