चेन्नई की पुझल केंद्रीय जेल से अलग-अलग घटनाओं में फरार हुए दो कैदियों को विशेष पुलिस टीमों ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक नेपाली नागरिक और दूसरा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत सजा काट रहा कैदी शामिल है। कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में जेल के सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
जेल से फरार हुए थे दो कैदी
एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि पहली घटना मंगलवार को हुई, जब नेपाली नागरिक सुदीप बोगाती (21) पुझल की उच्च सुरक्षा वाली जेल से फरार हो गया। वह चेन्नई के पाडी स्थित कलैगनर नगर की एसुनाथर स्ट्रीट में रह रहा था और एक निजी कंपनी में काम करता था। उसे 16 अगस्त को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया था।
दूसरी घटना बुधवार को सामने आई, जब तिरुमंगलम निवासी सुरेश (41) जेल परिसर में स्थित कैंटीन में काम करते समय फरार हो गया। वह जेल में सजा काट रहा था।
पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी है सुरेश
पुलिस के मुताबिक, सुरेश को वर्ष 2021 में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे जेल में रखा गया था। कैंटीन में काम करने के दौरान उसके फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
विशेष पुलिस टीमों ने ऐसे पकड़ा
पुलिस ने दोनों फरार कैदियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की थीं। अधिकारी के अनुसार, एक टीम को मिली सूचना के आधार पर बृहस्पतिवार सुबह तिरुमंगलम की एक चाय की दुकान पर नेपाली नागरिक सुदीप बोगाती का पता चला। पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, दूसरी विशेष टीम ने कुंद्राथुर में सुरेश का पता लगाया और उसे भी पकड़ लिया। पूछताछ के बाद दोनों कैदियों को दोबारा पुझल केंद्रीय जेल में भेज दिया गया।
सात जेल कर्मचारी निलंबित
दोनों कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद जेल महानिदेशक (कारागार) संदीप राय राठौर ने जेल का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था में चूक और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की गई।
पुलिस के अनुसार, विभागीय जांच के बाद ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जेल के सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी से जुड़ी खामियों की जांच की जा रही है।







