केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। शाह ने कहा कि SIR की प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि कांग्रेस कई राज्यों में दशकों से चुनाव हारती आ रही है। उन्होंने राहुल गांधी को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 2029 के लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा।
2029 में NDA की जीत का अमित शाह ने किया दावा
अमित शाह ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और NDA के साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में NDA फिर से भारी बहुमत हासिल करेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा।
शाह ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ चुकी है और अब उसके झांसे में नहीं आएगी।
गृह मंत्री ने त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल और असम के मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि इन राज्यों में लोगों ने BJP और NDA के पक्ष में समर्थन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी नतीजों को केवल चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर देखना सही नहीं है।
SIR से पहले भी चुनाव हारती रही है कांग्रेस: शाह
अमित शाह ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्रिपुरा में पिछले 33 वर्षों से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है। वहीं, पश्चिम बंगाल में पार्टी को लंबे समय से सत्ता नहीं मिली है।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जिन राज्यों में कांग्रेस दशकों से चुनाव नहीं जीत पाई, क्या वहां भी हार की वजह SIR है? शाह के मुताबिक, राहुल गांधी के कांग्रेस में प्रमुख भूमिका निभाने के बाद पार्टी को लगातार चुनावी पराजय का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए, न कि हर हार के लिए चुनाव प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
राजस्थान और त्रिपुरा के चुनावों का किया जिक्र
अमित शाह ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए BJP की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लगभग 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगर पालिकाओं में सफलता हासिल की।
शाह ने त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, NDA ने करीब 4,000 सीटें जीतीं और उसका कुल वोट शेयर 77.5 प्रतिशत रहा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को लगभग 4,600 सीटों में से केवल 14 सीटें मिलीं।
गृह मंत्री ने इन परिणामों को कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का संकेत बताया। हालांकि, इन आंकड़ों और दावों का स्वतंत्र सत्यापन अलग से किया जाना आवश्यक है।
बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस की हार का दावा
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इन चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी।
उन्होंने नौगांव में BJP उम्मीदवार की जीत, नंदीग्राम में पार्टी के प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल के रेजीनगर में मिली सफलता का उल्लेख किया। शाह ने यह भी कहा कि पुडुचेरी में NDA की सहयोगी पार्टी AINRC के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
शाह के मुताबिक, BJP की इन सफलताओं से पता चलता है कि पार्टी को विभिन्न क्षेत्रों में मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि उन्हें इन नतीजों की समीक्षा करनी चाहिए।
गुजरात में BJP की जीत को बताया जनता का समर्थन
अमित शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि BJP ने दो नगर पालिकाओं और एक नगर निगम की कुल 104 सीटों में से 90 सीटों पर जीत हासिल की।
उन्होंने गांधीनगर नगर निगम का उदाहरण देते हुए दावा किया कि BJP ने 44 में से 38 सीटें जीतीं। शाह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव में हिस्सा लिया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
गृह मंत्री ने कहा कि गुजरात में BJP की जीत राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले चुनाव की तुलना में गांधीनगर नगर निगम में BJP का वोट शेयर 10 प्रतिशत बढ़ा है।
राहुल गांधी को दी आत्ममंथन की सलाह
अमित शाह ने अपने बयान में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को चुनावी हार के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पार्टी को अपने संगठन, नेतृत्व और चुनावी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए।
शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव में NDA की जीत का भरोसा जताते हुए विपक्ष को आगामी चुनाव के लिए तैयार रहने की चुनौती दी। उनके बयान से साफ है कि SIR और चुनावी नतीजों को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आगे भी जारी रहने की संभावना है।







