भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर 24 अक्टूबर को अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर राजनीति के साथ-साथ क्रिकेट प्रशासन और प्रादेशिक सेना से भी जुड़े रहे हैं। वह हमीरपुर लोकसभा सीट से पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनके जीवन, राजनीतिक सफर और निजी जिंदगी से जुड़ी खास बातें।
जन्म और परिवार
अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्टूबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में हुआ था। उनके पिता प्रेम कुमार धूमल राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अनुराग ठाकुर ने जालंधर के दोआबा कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
उन्होंने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। राजनीति के अलावा उनकी रुचि खेल प्रशासन और प्रादेशिक सेना में भी रही है।
राजनीतिक सफर की शुरुआत
अनुराग ठाकुर मई 2008 में पहली बार हमीरपुर लोकसभा सीट से BJP के टिकट पर सांसद चुने गए। इसके बाद 2009 में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की। आगे भी वह इस सीट से चुनाव जीतते रहे और पांच बार लोकसभा के सदस्य बने।
उनके राजनीतिक सफर में संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ केंद्र सरकार में मंत्री पद भी शामिल रहा। 30 मई 2019 को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री बने।
क्रिकेट और BCCI में अहम भूमिका
अनुराग ठाकुर राजनीति के साथ-साथ क्रिकेट प्रशासन में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2001 में वह भारतीय जूनियर क्रिकेट टीम के चयनकर्ता बने थे। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।
मई 2016 में उन्हें प्रादेशिक सेना (Territorial Army) में नियमित कमीशन प्राप्त अधिकारी बनाया गया। वह भारतीय जनता पार्टी के उन सांसदों में शामिल रहे, जिन्होंने राजनीति के साथ सैन्य सेवा से जुड़ी जिम्मेदारी भी निभाई।
अनुराग ठाकुर ने मई 2016 में BCCI अध्यक्ष का पद संभाला था। हालांकि, उनका कार्यकाल जनवरी 2017 में समाप्त हो गया। क्रिकेट प्रशासन में उनकी भूमिका उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।
निजी जिंदगी और परिवार
अनुराग ठाकुर ने वर्ष 2002 में शेफाली ठाकुर से शादी की। शेफाली हिमाचल प्रदेश के पूर्व लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर की बेटी हैं। दंपति के दो बेटे हैं, जिनके नाम जयादित्य और उदयवीर हैं।
विवादों में भी रहे अनुराग ठाकुर
अनुराग ठाकुर का राजनीतिक सफर कई विवादों से भी जुड़ा रहा है। वर्ष 2011 में उन्होंने भाजपा के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित लाल चौक पर तिरंगा फहराने के अभियान में हिस्सा लिया था। उस समय इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस हुई थी।
इसके अलावा, दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान रिठाला में एक चुनावी रैली में उनके द्वारा लगाए गए विवादित नारे को लेकर भी काफी हंगामा हुआ था। इस बयान की व्यापक आलोचना हुई और चुनावी भाषणों में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को लेकर बहस तेज हुई।
राजनीति, खेल और सार्वजनिक जीवन का सफर
अनुराग ठाकुर ने अपने सार्वजनिक जीवन में सांसद, केंद्रीय मंत्री, BCCI अध्यक्ष और प्रादेशिक सेना के अधिकारी जैसी विभिन्न भूमिकाएं निभाई हैं। हमीरपुर से लगातार चुनावी राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ खेल प्रशासन में भी उनकी भागीदारी रही है। उनके 52वें जन्मदिन पर उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन का यह सफर एक बार फिर चर्चा में है।







