उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से हटाने के लिए विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी बीच INDIA गठबंधन के प्रमुख घटकों समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। जहां कांग्रेस ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, वहीं समाजवादी पार्टी पिछले चुनावों के प्रदर्शन और जमीनी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सीटों का बड़ा हिस्सा अपने पास रखना चाहती है।
कांग्रेस को 60-70 सीटें देने पर विचार?
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 100 से कम सीटें देने के पक्ष में है। बताया जा रहा है कि SP कांग्रेस के लिए 60 से 70 सीटों का फॉर्मूला तैयार करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि पार्टी ने कांग्रेस को इस संबंध में औपचारिक जानकारी दी है या नहीं।
दूसरी ओर, कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपने प्रदर्शन के आधार पर अधिक सीटों की मांग कर रही है। पार्टी उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहती है, जहां उसका संगठन और चुनावी प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा था।
कांग्रेस की 200 से अधिक सीटों पर दावेदारी
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सीट बंटवारे में अधिक हिस्सेदारी चाहती है और उसने 200 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की है। पार्टी का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली सफलता के बाद विधानसभा चुनाव में भी उसे अधिक सीटें मिलनी चाहिए।
हालांकि, समाजवादी पार्टी सीटों का बड़ा हिस्सा अपने पास रखना चाहती है। ऐसे में दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर सहमति बनाना गठबंधन के लिए अहम चुनौती हो सकती है।
15 नवंबर तक बातचीत पूरी करने की तैयारी
कांग्रेस को उम्मीद है कि 15 नवंबर तक सीट बंटवारे पर बातचीत पूरी हो जाएगी, ताकि उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को इस बातचीत में अहम भूमिका निभाते हुए बताया जा रहा है। वह सीट बंटवारे को लेकर उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं के संपर्क में हैं। हालांकि, दोनों दलों के बीच अंतिम समझौते को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अखिलेश यादव बोले- हमारा लक्ष्य BJP को हराना
सीट बंटवारे को लेकर जारी चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन के साझा लक्ष्य पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन को मजबूत किया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, “कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन को मजबूत किया जाना चाहिए। हमारा साझा लक्ष्य भाजपा को सत्ता से हटाना है। भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए हम लोगों को समझाएंगे और हम ऐसा जरूर करेंगे।”
उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा को हराने के लिए गठबंधन प्रभावी ढंग से आगे बढ़ेगा। उनके बयान को सीट बंटवारे पर जारी मतभेदों के बीच सहयोगी दलों को एकजुट रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
2027 में BJP और SP-कांग्रेस गठबंधन के बीच मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के बीच मुकाबला अहम माना जा रहा है। हालांकि, चुनावी समीकरणों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
NDA में शामिल राष्ट्रीय लोक दल (RLD), अपना दल (सोनेलाल), निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) जैसे दल भी चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल, विपक्षी गठबंधन के सामने भाजपा को चुनौती देने के साथ-साथ सीट बंटवारे पर आपसी सहमति बनाने की चुनौती है। आने वाले दिनों में SP और कांग्रेस के बीच होने वाली बातचीत से गठबंधन की चुनावी रणनीति की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।







