भारत की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। बैठक में BRICS सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य साझा स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने, स्वास्थ्य सेवाओं में समानता बढ़ाने और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करना था।
16वां BRICS स्वास्थ्य घोषणा-पत्र अपनाया गया
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि 16वें BRICS स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना रही।
घोषणा-पत्र में इन प्रमुख विषयों पर सहमति बनी—
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage)
महामारी की रोकथाम और तैयारी
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
सस्ती दवाओं, टीकों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता
चिकित्सा तकनीकों तक समान पहुंच
जेपी नड्डा ने वैश्विक सहयोग पर दिया जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि संक्रामक रोग, गैर-संचारी बीमारियां, जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और तेजी से बदलती चिकित्सा तकनीक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने BRICS टीबी अनुसंधान नेटवर्क को और मजबूत बनाने तथा जांच, उपचार, टीकों और स्वास्थ्य नवाचारों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
महामारी से निपटने के लिए बनेगा नया उप-कार्यसमूह
सम्मेलन में बड़े संक्रामक रोगों की रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए BRICS एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Integrated Early Warning System) के तहत एक विशेष उप-कार्यसमूह गठित करने का समर्थन किया गया।
इसके अलावा, सदस्य देशों के सफल डिजिटल स्वास्थ्य मॉडल और अनुभवों का एक साझा संकलन भी जारी किया गया।
2026-2029 की संयुक्त कार्ययोजना लॉन्च
बैठक के दौरान स्वस्थ जीवनशैली मिशन और 2026 से 2029 तक की BRICS संयुक्त स्वास्थ्य कार्ययोजना की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देना है।
मानसिक स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा पर विशेष पहल
सम्मेलन में मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्रों का BRICS नेटवर्क स्थापित करने की घोषणा की गई, जिसका समन्वय राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) करेगा।
इसके साथ ही—
पारंपरिक एवं समन्वित चिकित्सा पर विशेषज्ञ समूह बनाने,
जनस्वास्थ्य संस्थानों के नेटवर्क को मजबूत करने,
सामाजिक कारणों से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं से मिलकर निपटने
पर भी सदस्य देशों के बीच सहमति बनी।
वैश्विक दक्षिण के लिए अहम पहल
विशेषज्ञों के अनुसार, चंडीगढ़ में आयोजित यह बैठक वैश्विक दक्षिण (Global South) की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।







